बेतालघाट (नैनीताल): नैनीताल जिले के वरिष्ठ नेता हेम आर्य 12 अक्टूबर को बेतालघाट विकासखंड के दूरदराज क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने हाल ही में विभिन्न हादसों में अपने प्रियजनों को खोने वाले बिनाकोट और बुंगा खैराली गांवों के शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस विकट परिस्थिति में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
बिनाकोट गांव में दिव्यांग बेटियों के भविष्य की चिंता अपने दौरे की शुरुआत में हेम आर्य बिनाकोट गांव पहुंचे। यहां कुछ समय पूर्व भुवन चंद्र के इकलौते बेटे दीपक की नदी में डूबने से असामयिक मौत हो गई थी। इस अप्रत्याशित और दर्दनाक हादसे से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थिति तब और अधिक संवेदनशील हो जाती है, जब यह पता चलता है कि परिवार में दो बेटियां दिव्यांग हैं और इकलौते बेटे के चले जाने से वृद्ध माता-पिता के सामने भविष्य की गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
वरिष्ठ नेता हेम आर्य ने शोकाकुल माता-पिता से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान करते हुए ढांढस बंधाया और दोनों दिव्यांग बेटियों के भरण-पोषण तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन-प्रशासन स्तर से लेकर व्यक्तिगत रूप से हरसंभव मदद दिलाने का पुख्ता भरोसा दिया।
बुंगा खैराली गांव में भी साझा किया दुख बिनाकोट के पश्चात हेम आर्य बुंगा खैराली गांव पहुंचे। यहां उन्होंने मोहन सिंह बोहरा के पुत्र ललित बोहरा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। ललित की कर्नाटक में एक तालाब में डूबने से अकाल मृत्यु हो गई थी, जिससे पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। उन्होंने पीड़ित पिता और अन्य परिजनों से मिलकर उन्हें इस असहनीय वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में अकेला न छोड़ने का विश्वास दिलाया।
ग्रामीण क्षेत्रों के इन दोनों परिवारों के लिए यह समय अत्यंत कष्टदायक है। ऐसे कठिन दौर में एक जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ नेता का स्वंय चलकर पीड़ित दरवाज़ों तक पहुँचना और उनका संबल बनना क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों की एक मिसाल पेश करता है।






















