( वर्तमान की दशा को प्रदर्शित करती कविता) युवा लाठी डंडा न खाएं , अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षा पाएं। बौद्धिक तंत्र मुख्य धारा में आए, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार न चरमराये । 33% महिला आरक्षण लोक-विधान सभा में लागू करवाएं जनगणना, परिसीमन की शर्त हटाएं । भूख गरीबी को जड़ से मिटाये, बुलडोज़र की राजनीति से निजात दिलाएं । राजनीति के नाम पर संगीन अपराधियों को महिमामंडित न करवाएं
मनुवाद को जड़ से मिटायें , दहशत से जनता निजात पाएं, चुनाव आयोग, ईडी निष्पक्ष बनाएं , न्यायपालिका भी जवाबदेही में आए , धार्मिक स्थल लूट खसोट का अड्डा न बनाएं ,
ऐसे जनतांत्रिक मूल्यों से ही सत्ता चलाएँ , तब हर जन तिरंगा दिल से क्यों न अपनाए ?
सभी देश वासियों को 80 वे स्वतंत्रता दिवस की ढेरों बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं