रानीखेत l पहाड़ों में सूखे के चलते वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में बीती रात रानीखेत के समीप कठपुड़िया के जंगलों में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हालांकि, फायर सर्विस रानीखेत की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ी दुर्घटना होने से टल गई।
दिनांक 15/01/2026 की रात्रि लगभग 10:00 बजे फायर स्टेशन रानीखेत को सूचना मिली कि कठपुड़िया क्षेत्र के जंगलों में आग लग गई है। सर्द रात और घना अंधेरा होने के बावजूद, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर यूनिट बिना समय गंवाए तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुँचकर देखा कि चीड़ की सूखी पत्तियों के कारण आग तेज़ी से फैल रही थी और इसकी ऊँची लपटें पास में ही स्थित इंटर कॉलेज की ओर बढ़ रही थीं। यदि समय पर कार्रवाई न होती, तो आग विद्यालय की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा सकती थी।
पहाड़ी ढलान और दुर्गम रास्ता होने के कारण कार्य चुनौतीपूर्ण था, लेकिन फायर यूनिट ने साहस का परिचय दिया। दमकल कर्मियों द्वारा पारंपरिक ‘बीटिंग मेथड’ (झाड़ियों और हरी टहनियों से पीटकर आग बुझाना) और आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग को चारों तरफ से घेरा गया। घंटों के संघर्ष के बाद आखिरकार आग पर पूर्ण रूप से नियंत्रण पा लिया गया।
फायर सर्विस की इस साहसिक कार्रवाई की बदौलत न केवल इंटर कॉलेज सुरक्षित रहा, बल्कि किसी भी प्रकार की जनहानि या निजी संपत्ति की क्षति नहीं हुई। स्थानीय निवासियों ने फायर सर्विस रानीखेत की इस तत्परता की जमकर सराहना की है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे जंगलों में ज्वलनशील पदार्थ न फेंकें और आग लगने की सूचना तुरंत विभाग को दें।

















