देवभूमि उत्तराखंड की शांत वादियों में बसा झीलों का शहर नैनीताल इन दिनों एक अनोखी और ख़ौफ़नाक समस्या से जूझ रहा है। तल्लीताल स्थित जिला पंचायत और जीवाजी लॉज कंपाउंड क्षेत्र में पिछले 11 दिनों से जारी रहस्यमयी पत्थरबाज़ी ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा रखी है। हर रोज़ रात 8 बजे से 11 बजे के बीच अचानक घरों की छतों पर पत्थरों की बारिश होने लगती है, लेकिन पत्थरबाज़ कौन है—कोई इंसान, उपद्रवी या कुछ और—यह सवाल आज भी अनसुलझा है।
अंधविश्वास का साया या सोची-समझी साज़िश?
ब्रिटिश काल में बसे नैनीताल का अपना एक अलग इतिहास रहा है। यहां के पुराने लोग अक्सर अंग्रेजों की भटकती आत्माओं और ओपरी हवाओं से जुड़ी कहानियां सुनाते रहे हैं। आज भी इस आधुनिक दौर में टोना-टोटका, साया और अदृश्य हवा जैसी मान्यताओं का प्रभाव जनमानस में देखने को मिलता है। जब-जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो लोग इन्हें अंधविश्वास के नज़रिए से भी देखने लगते हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन इसे किसी असामाजिक या खुन्नस रखने वाले तत्व की हरकत मानकर जांच कर रहे हैं।
छह दशकों का रहस्यमयी इतिहास
शहर के वरिष्ठ नागरिकों के अनुसार, नैनीताल में छतों पर पथराव की यह परिपाटी नई नहीं है। वर्ष 1966 से लेकर 2026 तक के इतिहास पर नज़र डालें तो ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं:
- 1966 (मेलविल हॉल): होटल शालीमार के पास मेलविल हॉल में अचानक पथराव शुरू हुआ था। इसमें कोई पकड़ा नहीं गया और मामला समय के साथ खुद शांत हो गया।
- 1975 (लेक व्यू एनेक्सी): आपसी रंजिश के कारण कुछ लोगों ने पत्थरबाज़ी की थी, जिसे बाद में बातचीत से सुलझा लिया गया।
- 1989 (रैम्जे अस्पताल): अस्पताल परिसर के आसपास कई दिनों तक पत्थर गिरे, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
- 2006 (अल्मा लॉज): अल्मा लॉज कंपाउंड में भी रहस्यमयी पथराव की घटना ने लोगों को डराया था।
- चार्टनलॉज व आहार विहार: दो वर्ष पूर्व चार्टनलॉज में एक अधेड़ ने खुंदक में गाड़ियों के शीशे तोड़े थे, जिसे स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी और पहरेदारी की मदद से पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
दहशत में रातें गुज़ार रहे लोग, पुलिस की गश्त जारी
हालिया घटना के बाद स्थानीय लोगों ने छतों पर नज़र रखनी शुरू कर दी है और रात-रात भर जागकर पहरेदारी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने आसपास के जंगल और संदिग्ध ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया है, लेकिन फिलहाल हाथ खाली हैं। प्रशासन ने निवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

















