हल्द्वानी। राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बाद नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा संबंधी कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को कैंप कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने ब्लैक स्पॉट के सुधार, सड़क सुरक्षा संकेतकों, स्पीड ब्रेकर, क्रैश बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में तीनपानी बाईपास पर लगातार हो रहे हादसों पर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने यहां यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अंडरपास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस पर एनएच और एनएचएआई के अधिकारियों ने दिसंबर 2026 तक अंडरपास निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिलाया।


डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाईपास पर रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए सेंसरयुक्त एलईडी स्ट्रीट लाइट, रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और रंबल स्ट्रिप की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित हो और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। उन्होंने पीक आवर्स में पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त तैनाती सुनिश्चित करने के साथ ही रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान, लाइसेंस निलंबन, वाहन सीज करने तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील मार्गों का शीघ्र निस्तारण करने, दुर्घटना संभावित स्थलों पर क्रैश बैरियर, पैराफिट, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने बताया कि कोसी, अमृतपुर और गौला क्षेत्र में खनिज वाहनों से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए खनिज न्याय निधि से 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को ऐसे सभी मार्गों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा।

उन्होंने केंद्र सरकार की पीएम-राहत योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के दिन से सात दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

बैठक के बाद जिलाधिकारी स्वयं सड़क पर उतरे और सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे लोगों को हेलमेट वितरित किए। उन्होंने वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन और हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश चंद्र, संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद पांडे, सचिव विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, लोक निर्माण विभाग, एनएच, एनएचएआई तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।यदि चाहें तो इसे The Pioneer की प्रिंट शैली के अनुरूप और अधिक संक्षिप्त, तथ्यप्रधान तथा 400–500 शब्दों के संस्करण में भी तैयार किया जा सकता है।

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