यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन का बड़ा फैसला; मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही आगे बढ़ेंगे श्रद्धालु


उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ‘रेड’ एवं ‘ऑरेंज’ अलर्ट के चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर हो रहे भूस्खलन और खराब मौसम से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सोमवार को चारधाम यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। मौसम सामान्य होने और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा।

तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश

गढ़वाल आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मुस्तैद रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  • सुरक्षित ठहराव: यात्रा मार्ग पर मौजूद सभी श्रद्धालुओं को नजदीकी सुरक्षित स्थानों, धर्मशालाओं और पड़ावों पर ठहराया जाए।
  • मार्ग की सुरक्षा: मार्ग से मलबा साफ होने और रास्ता पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाए।
  • सूचना प्रसार: मीडिया एवं अन्य प्रामाणिक माध्यमों से आम जनता और तीर्थयात्रियों तक मौसम व मार्ग की सटीक जानकारी समय पर पहुँचाई जाए।

प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान

राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन ने तीर्थयात्रियों एवं आम जनता से विशेष धैर्य और सावधानी बरतने की अपील की है:

  • अनधिकृत स्रोतों या सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर भरोसा न करें।
  • केवल प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन व सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
  • मौसम की स्थिति सामान्य होने तक संबंधित जनपद प्रशासन और पुलिस विभाग के निर्देशों का पूर्णतः पालन करें।

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