( रचनाकारों ने रचनाओं को विराम दे कर सहयोग व समर्थन दिया)
उत्तराखण्ड पर्वतीय रचनाकार मंच हल्द्वानी के रचनाकारों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने हेतु 11 जनवरी को आहूत उत्तराखंड बंद के ऐलान का समर्थन दिया। मंच के रचनाकारों एक दिन के लिए अपना पटल बंद रखा। मंच ने यह प्रयास उत्तराखण्ड की एकता, सामाजिक चेतना और अंकिता भंडारी केन्याय के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उठाया।मंच की संस्थापक हेमा आर्या ‘शिल्पी’, संरक्षक गिरीश त्रिपाठी ‘ओम’, सह-संस्थापक सी. पी. आर्य एवं संयोजक हेम चंद्र ‘हेमंत’ ने संयुक्त रूप से कहा कि समाज के प्रति संवेदनशील रहना और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की यह मांग केवल एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा और उत्तराखण्ड की अस्मिता से जुड़ा विषय है। मंच द्वारा पटल बंद रखना एक प्रतीकात्मक विरोध था, जिसके माध्यम से उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपना समर्थन प्रकट किया।

















