सोबन सिंह जीना परिसर के शिक्षासंकाय में लक्ष्मी देवी टम्टा महिला अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘क्षमता संवर्धन विषय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। दिनांकः 22 से 28 जून तक चल रहे इस सात दिवसीय सामुदायिक कार्यशाला के छठे दिवस पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 सतपाल सिंह बिष्ट ने शिक्षा संकाय के सभागार में ‘क्षमता संवर्धन‘ विषयक कार्यक्रम का द्वीप प्रज्ज्वलित कर शुरूआत की।

अपने व्याख्यान में कुलपति प्रो0 सतपाल सिंह बिष्ट ने विकसित भारत को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आर्थिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण आदि के क्षेत्र में समुचित विकास से ही देश का विकास संभव है। जब इन सभी क्षेत्रों का सतत् विकास होता है तो सही मायने में देश विकास कर रहा है। हमें क्षमताओं को विकसित करना होगा।

कुलपति प्रो0 बिष्ट ने ने कहा कि हम सभी स्व अनुशासन से ही विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हम सभी स्वयं से शुरूआत कर और अनुशासित होकर विकास में अपना योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रूप में सेवानिवृत्त आचार्य प्रो0 विजयारानी ढौंडियाल ने सशक्तीकरण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण शिक्षा और वर्तमान में लागू नवीन शिक्षा नीति-2020 की आवश्यकता पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि रूप में पुलिस निरीक्षक, अल्मोड़ा बसंती आर्या ने महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, सरकारी योजना एवं महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, महिला विषयक अपराध आदि पर विस्तार से व्याख्यान दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक प्रो0 भीमा मनराल, डाॅ0 संगीता पवार, डाॅ0 रिजवाना सिद्धीकी, कुलसचिव डाॅ देवेंद्र सिंह बिष्ट, डाॅ0 नीलम, डाॅ0 अंकिता, डाॅ0 ममता कांडपाल, ललिता रावल, मनोज आर्या, मनोज कार्की, सरोज जोशी के साथ बी0एड एवं एम0एड प्रशिक्षुओं के साथ खत्याड़ी ग्राम की महिलाओं ने भागीदारी की।

ADVERTISEMENTS Ad