बेतालघाट (नैनीताल)। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) सेक्टर हल्द्वानी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस की टीम ने बेतालघाट पुलिस चौकी में तैनात आरक्षी (सिपाही) दीपक सामंत को शिकायतकर्ता से 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे पुलिस महकमे और क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी सिपाही क्षेत्र में वैध रूप से चल रहे खनन कारोबारियों को लगातार परेशान कर रहा था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसके वाहनों के सभी दस्तावेज पूरी तरह वैध होने के बावजूद, आरोपी सिपाही दीपक सामंत वाहनों को जबरन रोकने, भारी-भरकम चालान काटने और वाहनों को सीज करने की धमकी दे रहा था। इन धमकियों के एवज में वह लगातार अवैध वसूली की मांग कर रहा था। सिपाही ने इस मामले को रफा-दफा करने के लिए कुल 65 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
परेशान होकर पीड़ित ने विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसपी विजिलेंस दीपशिखा अग्रवाल के निर्देश पर मामले की गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके तुरंत बाद भ्रष्टाचार विरोधी टीम (ट्रैप टीम) का गठन किया गया।
विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी सिपाही दीपक सामंत ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 45 हजार रुपये हाथ में लिए, टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसपी विजिलेंस ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

















