गरमपानी। तहसील कैंचीधाम क्षेत्र में सरकारी तथा वन विभाग की भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण और आवासीय पट्टों के नियमविरुद्ध व्यावसायिक उपयोग को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष है। इस संबंध में ग्रामीणों ने श्री कैंची धाम के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

​उपजिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तल्ला निगलाट से लेकर छड़ा चमड़िया तथा भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे विभिन्न स्थानों पर सरकारी व वन भूमि पर अवैध रूप से मकान, दुकान एवं अन्य निर्माण कार्य कर लिए गए हैं। इसके अलावा, शासन द्वारा दिए गए आवासीय पट्टों का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। कई पट्टाधारक खुद उन जमीनों पर निवास न करके अन्य लोगों को किराए या समझौते पर देकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करवा रहे हैं।

​ग्रामीणों ने खैरना, छड़ा, रातीघाट और कैंची क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की पारदर्शी जांच की मांग उठाई। साथ ही, क्षेत्र की लघु सिंचाई नहर के ऊपर किए गए अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त कर नहर को अतिक्रमण मुक्त कराने पर जोर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और धार्मिक-पर्यटन स्थल के समीप इस प्रकार के अवैध निर्माणों से क्षेत्र का संतुलन बिगड़ रहा है।

​उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करते हुए अतिक्रमणकारियों व नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर नंदन सिंह नेगी, पुष्कर सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट, हेमा नेगी और सुभाष शर्मा सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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