पिथौरागढ़ ।पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित घुनशेरागाँव का जीवी मोटर मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, उनमें भरा बरसात का गंदा पानी और उखड़ी हुई बजरी राहगीरों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। आलम यह है कि यह मार्ग अब सड़क कम और दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने वाला खतरनाक जाल अधिक प्रतीत होता है।
जान जोखिम में डालकर आवागमन इस जर्जर मार्ग से प्रतिदिन ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। विद्यालय जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में गड्ढों में जलभराव के कारण उनकी गहराई का अनुमान लगाना भी संभव नहीं रहता, जिससे हर पल किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है।

शासन-प्रशासन की उदासीनता पर आक्रोश विडंबना यह है कि इस गंभीर समस्या को कई बार समाचार-पत्रों और चैनलों के माध्यम से शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाया जा चुका है, किंतु अब तक परिणाम शून्य ही रहा है। ऐसा लगता है कि जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही है।

धार्मिक एवं पर्यटन स्थल की उपेक्षा उल्लेखनीय है कि इसी मार्ग से होकर श्रद्धालु प्रसिद्ध माँ कोटवी कालिका के भव्य मंदिर तथा पवित्र धारे तक पहुँचते हैं, जहाँ प्रतिदिन दूर-दराज़ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दर्शन और स्नान के लिए आते हैं। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग की दुर्दशा क्षेत्र की उपेक्षा को बयां करती है।
स्थायी पुनर्निर्माण की मांग ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गड्ढों को भरने की केवल औपचारिक खानापूर्ति न की जाए, बल्कि सड़क का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी भी समय होने वाली दुर्घटना के लिए संबंधित विभाग और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
(रिपोर्ट: जीवन खड़ायत)

















