( एडवोकेट विनोद तिवारी ने सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया।)
अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत चल रहे भूमि विवाद प्रकरण में एडवोकेट विनोद तिवारी ने सर्वोच्च न्यायालय को पत्र प्रेषित किया। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रेषित पत्र पर संज्ञान लिए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों एवं किसानों में आशा और विश्वास का वातावरण बना है।

उक्त प्रकरण में अधिवक्ता विनोद चंद्र तिवारी द्वारा की गयी कार्यवाही देख विनोद तिवारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि देश की सर्वोच्च न्यायपालिका आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति सजग एवं संवेदनशील है। यह कदम न केवल संबंधित ग्रामीणों के लिए, बल्कि संपूर्ण प्रदेश के किसानों के लिए न्याय व्यवस्था में पुनः विश्वास स्थापित करने वाला है। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों की आवाज सर्वोच्च मंच तक पहुँचती है और उस पर संज्ञान लिया जाता है, तो लोकतंत्र की मूल भावना सशक्त होती है।
ग्राम धामस, बलसा, सल्ला रौतेला, शीतलाखेत तथा आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने भी सामूहिक रूप से माननीय सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद ज्ञापित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद के कारण वे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित रहे हैं, परंतु अब न्यायपालिका के हस्तक्षेप से उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद जगी है।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस संज्ञान से न्यायपालिका पर उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है तथा उन्हें भरोसा है कि तथ्य एवं विधि के आधार पर उचित निर्णय होगा।
साथ ही, क्षेत्रवासियों ने प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी इस प्रकरण में संवेदनशीलता दिखाते हुए हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि किसानों के अधिकारों की रक्षा हो सके और भविष्य में इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति न हो।ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार एवं प्रशासन न्यायालय की प्रक्रिया के साथ पूर्ण सहयोग करते हुए पारदर्शिता एवं विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

















