8 सितंबर 1933 को आशा भोसले का जन्म एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल गायक थे। आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले जब नौ साल की थीं तभी उनके पिता का निधन हो गया था। बाद में बड़ी बहन लता मंगेशकर के पदचिह्नों पर चलते हुए वह भी संगीत की दुनिया में आईं।

दुनिया में अपनी सुरीली आवाज के लिए पहचान बना चुकीं आशा भोसले का रविवार (12 अप्रैल) को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने इसकी पुष्टि की है। लोकप्रिय गायिका को शनिवार को ही सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहीं उन्होंने आखिरी सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशा भोसले के शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद उनका निधन हो गया।

1933 में जन्मीं आशा भोसले के लिए गायन में लोकप्रियता हासिल करना कोई कठिन बात नहीं थी। दरअसल, उनका जन्म ही एक ऐसे परिवार में हुआ, जिसका संगीत से गहरा नाता रहा। यानी बचपन से ही उनका गायन और वादन की तरफ रुझान बन चुका था। यही रुझान आगे चलकर उन्हें एक सफल गायिका के रूप में पहचान दिलाने में सबसे अहम रहा।

बता दें कि आशा भोसले प्रसिद्ध पंडित दीनानाथ मंगेशकर परिवार से आती हैं, जो कि मराठी और कोंकणी में पारंगत थे। उनकी मां शेवांती गुजराती थीं। आशा भोसले (तब आशा मंगेशकर) का जन्म महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। जब आशा महज नौ साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके चलते मंगेशकर परिवार क पुणे से कोल्हापुर और फिर मुंबई आना पड़ा। इस दौरान उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने गायन की शुरुआत कर दी थी। देखते ही देखते आशा ने खुद भी गायन की दुनिया में कदम रख दिया और नौ साल की उम्र में पहली बार एक मराठी फिल्म के लिए गाना गाया। आशा के परिवार में उनकी सबसे बड़ी बहन लता मंगेशकर थीं, जो कि अपनी सुरीली आवाज की वजह से भारत की स्वर कोकिला के तौर पर पहचानी गईं। जहां लता मंगेशकर एक जबरदस्त पार्श्व गायक के तौर पर पहचान बनाती चली गईं, वहीं उनकी दूसरी बहन ऊषा मंगेशकर ने भी लंबे समय तक गायन से पहचान बनाई। आशा की एक और बहन मीना खाडिलकर और उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर संगीत निर्देशक हैं।

छोटी उम्र में गायन शुरू करने के बावजूद आशा मंगेशकर ने काफी लोकप्रियता हासिल कर ली। इस दौरान 1949 में ही उन्होंने घर से भागकर अपने निजी सचिव गणपतराव भोसले से शादी कर ली। उस वक्त आशा की उम्र महज 16 साल थी, जबकि गणपतराव 31 वर्ष के थे। बताया जाता है कि आशा के इस फैसले से उनका परिवार सहमत नहीं था। खासकर उनकी बहन लता मंगेशकर ने घर से दूर जाकर विवाह पर आपत्ति जताई थी। कुछ कारणों से आशा और गणपतराव का यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और 1960 में उनका तलाक हो गया।

1980 में छह साल छोटे राहुल दत्त बर्म से किया विवाह

इसके बाद 1980 में उन्होंने बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार राहुल दत्त बर्मन (आरडी. बर्मन) से दूसरी शादी की। यह शादी उनके जीवन और कलात्मक सफर का एक बेहद अहम हिस्सा साबित हुई। दोनों ने साथ मिलकर बॉलीवुड के लिए कई बेहतरीन और मशहूर गीतों की रचना की, जिससे उनका निजी और पेशेवर जीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़ गया। 1994 में आरडी. बर्मन के निधन तक वे दोनों जीवनभर एक साथ रहे।

आशा भोसले के कितने बच्चे?
आशा भोसले और गणपतराव के तीन बच्चे हुए, जिनमें दो बेटे- हेमंत और आनंद और एक बेटी- वर्षा शामिल हैं। 1960 में गणपतराव से तलाक के बाद आशा भोसले ने अकेले ही अपने तीनों बच्चों की परवरिश की। 

हेमंत भोसले: आशा भोसले के सबसे बड़े बेटे थे, जिनका 2015 में कैंसर की वजह से निधन हो गया। 

वर्षा भोसले: आशा भोसले की बेटी वर्षा का भी 2012 में निधन हो चुका है।

आनंद भोसले: तीनों बच्चों में से अब केवल आनंद भोसले ही जीवित हैं। 

जनाई भोसले: उनकी पोती जनाई भोसले (आनंद भोसले की बेटी) एक उभरती गायिका और नर्तकी हैं।  

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