बेतालघाट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्थापना और क्षेत्रीय मोटर मार्गों के सुधार की मांग को लेकर बेतालघाट में चल रही भूख हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन उग्र विरोध के बाद समाप्त हो गई। चार दिनों से अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों के बढ़ते दबाव और जनआक्रोश के आगे झुकते हुए देर रात क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्य को धरना स्थल पहुंचना पड़ा। काफी गहमागहमी और वार्ता के बाद विधायक द्वारा दो महीने के भीतर सभी तीन मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन दिए जाने पर आंदोलनकारियों ने अपना अनशन वापस लिया।
इससे पूर्व, शुक्रवार सुबह से ही धरना स्थल पर भारी भीड़ जुटने लगी थी। आंदोलन को क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक जनप्रतिनिधियों और ब्लॉक प्रमुख अंकित साह का खुला समर्थन मिला, जिससे प्रशासन पर दबाव बेहद बढ़ गया। ग्रामीणों का आरोप था कि लंबे समय से क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर केवल खोखले आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि आपातकालीन इलाज और जांच के अभाव में मरीजों को आज भी रेफर होना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अनशनकारियों के बिगड़ते स्वास्थ्य की जांच की, लेकिन वे बिना लिखित आदेश के हटने को तैयार नहीं थे।
देर शाम जब नैनीताल विधायक सरिता आर्य धरना स्थल पहुंचीं, तो नाराज ग्रामीणों ने “गो बैक विधायक” के नारे लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए वहां स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि अब मौखिक घोषणाओं पर भरोसा नहीं किया जाएगा।
इसके बाद विधायक ने आंदोलनकारियों की गंभीरता को समझते हुए दो माह के भीतर समाधान का लिखित भरोसा दिया। लिखित आश्वासन मिलने के बाद विधायक सरिता आर्य ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर और फल खिलाकर अनशन समाप्त करवाया। विधायक ने दोहराया कि सभी तीन मांगों को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर दिया जाएगा।
















