अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता पांडेय के नेतृत्व मेंउत्तराखंड में तेजी से बढ़ रही महँगाई, उत्तराखण्ड राज्य मे दलितों,अल्पसंख्यकों एवं महिलाओं पर बढ़ रहे साम्प्रदायिक, जातिगत व यौनिक हमलों के विरोध में राष्ट्रपति व राज्यपाल को जिला प्रशासन अल्मोड़ा के माध्यम से ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है 20 दिनों में पेट्रोल, डीजल और परिवहन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से सभी आवश्यक खाद्य वस्तुओं जैसे दूध, सब्जी, दाल, दवाइयां स्वास्थ्य, और शिक्षा तक महंगी हो गई है।

जिससे बेरोजगारी के दौर मैं आर्थिक और सामाजिक संकट और भी गहरा गया है। सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंप रही है, जबकि जनता को सांप्रदायिकता के नाम पर लड़ाया जा रहा है।

देवभूमि कहे जाने वाले राज्य में दलितों, अल्पसंख्यकों और महिला अपराधों मे भी निरंतर वृद्दि हो रही है, जिसमें सत्ता पक्ष की संलिप्तता बहुतायत है, जबकि सुरक्षा एजेंसिया मौन हैं।इन विकट परिस्थितियों में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति जिला इकाई अल्मोड़ा ने माँग की है पेट्रोल, डीजल पर लगे करों में तत्काल भारी कटौती की जाए। दाल, खाद्य तेल, रसोई गैस व जीवनरक्षक दवाओं सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित हों। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाकर राशन में दाल, चीनी, तेल शामिल किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर सभी को सस्ता, सुलभ उपचार मुहैया हो।सभी सरकारी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए व मनरेगा का विस्तार कर शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू हो। कृषि व सार्वजनिक उद्योगों में सार्वजनिक निवेश बढ़ाकर आम जनता की क्रय शक्ति बढ़ाई जाए। उत्तराखण्ड राज्य मे नफरत की राजनीति के चलते दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं पर लगातार तेजी से हो रहे, साम्प्रदायिक दंगे ,जातिवादी हमले, यौनिक अपराधों पर अविलंब रोक लगाई जाय और अपराधियों को शीघ्र दण्डित किया जाय।ज्ञापन देने वालों में राधा नेगी, भावना तिवारी भी शामिल रहीं।

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