बेतालघाट विकासखंड के अंतर्गत नौणा, ब्यासी और सिलटोना क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत हुए सड़क निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं और गुणवत्ता से समझौते का मामला सामने आया है। जिला पंचायत सदस्य यशपाल आर्य के नेतृत्व में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी (डीएम) को एक ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
7.80 करोड़ की लागत, बची राशि के दुरुपयोग का आरोप
जनप्रतिनिधियों के अनुसार, वर्ष 2020-21 के बीच नौणा और ब्यासी-सिलटोना सड़क का निर्माण कार्य कराया गया था, जिसकी कुल लागत लगभग 7.80 करोड़ रुपये थी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में शुरू से ही लापरवाही बरती गई। वर्तमान में इस योजना की करीब 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि शेष बची हुई है। आरोप है कि विभाग इस बची हुई मोटी रकम को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों की सहमति या आवश्यकता को दरकिनार कर मनमाने ढंग से ठिकाने लगाने में जुटा है।
सुरक्षा मानकों से खिलवाड़: स्टील बैरियर की जगह खड़े कर दिए सीमेंट के पिलर
ज्ञापन में सबसे बड़ा सवाल क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया है। मानकों के अनुसार, पहाड़ी और संभल कर चलने वाले इस संवेदनशील मार्ग के किनारे सुरक्षा के लिहाज से स्टील क्रैश बैरियर लगाए जाने थे। इसके विपरीत, मौके पर सीमेंट और सरिया के पिलर बनाकर पैराफिट का निर्माण किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने इसे तकनीकी और सुरक्षा मानकों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने डीएम से मांग की है कि इस घटिया निर्माण को तुरंत रुकवाकर निर्धारित मानकों के अनुसार स्टील क्रैश बैरियर लगाए जाएं। ज्ञापन भेजने वालों में जिला पंचायत सदस्य यशपाल आर्य के साथ बारगल की ग्राम प्रधान गीता पाठक, भास्कर चंद्र, विमला देवी, किशोर सिंह, दीपक चंद्र और खीम सिंह समेत कई क्षेत्रवासी शामिल रहे।

















