
हल्द्वानी। युवाओं के बुलंद हौसले और ग्राउंड लेवल पर कुछ बड़ा करने की चाहत समाज में एक नया बदलाव ला सकती है। हल्द्वानी के दो कॉलेज छात्रों—करण और लोकेश—ने कुछ ऐसा ही अनोखा कर दिखाया है। अक्सर हम और आप शाम को सड़क किनारे ठेले पर मोमोज, बर्गर या चाट का आनंद लेते हैं, लेकिन जब वही खाना ऑनलाइन मंगाना हो, तो भारी-भरकम टैक्स, कमीशन और डिलीवरी चार्ज के कारण वह मिडिल-क्लास बजट से बाहर हो जाता है। इसी बड़ी समस्या का समाधान खोजने के लिए इन युवाओं ने ‘Streat Eats’ नाम का एक बेहतरीन फूड डिलीवरी ऐप लॉन्च किया है।
₹20 के मोमोज से आया यह क्रांतिकारी आइडिया
इस बिज़नेस की शुरुआत की कहानी बेहद दिलचस्प है। एक शाम जब दोनों दोस्त स्ट्रीट पर ₹20 के 8 मोमोज़ खा रहे थे, तो स्वाद लाजवाब होने के बावजूद उनके दिमाग में एक सवाल कौंधा—“यार, ये मोमोज़ ऑनलाइन डिलीवर क्यों नहीं हो सकते?”
दरअसल, Zomato या Swiggy जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर ये छोटे वेंडर्स कभी नहीं दिखते क्योंकि वहां भारी कमीशन और बड़े रेस्टोरेंट्स का दबदबा होता है। ₹20-30 की प्लेट बेचने वाले छोटे स्ट्रीट वेंडर से बड़े कॉर्पोरेट्स को कोई बड़ा मुनाफा नहीं होता, इसलिए वे इन्हें छोड़ देते हैं। बस इसी खाली जगह को भरने और गली-नुक्कड़ के इस बेहतरीन स्वाद को हर घर तक पहुंचाने के लिए ‘Streat Eats’ का जन्म हुआ।
ऐप की खासियतें और इसका वर्कफ़्लो
‘Streat Eats’ का सीधा विज़न है कि हल्द्वानी का हर परिवार बिना जेब पर बोझ डाले जब चाहे ऑनलाइन खाना मंगा सके। यह ऐप पूरी तरह ज़ीरो-प्राइस हाइक या बेहद कम मार्जिन पर काम करता है।
- क्या-क्या मिलेगा: ऐप पर फैंसी रेस्टोरेंट्स के बजाय शुद्ध स्ट्रीट फूड जैसे मोमोज, बर्गर, नूडल्स, पानी पूरी, सोफ्टी और चाट जैसे मशहूर लोकल स्नैक्स मिलेंगे।
- सुरक्षित पेमेंट: ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए इसमें Razorpay गेटवे इंटीग्रेटेड है, जिससे UPI, कार्ड्स और नेट बैंकिंग के जरिए कैशलेस पेमेंट बेहद आसान हो जाता है।
- फास्ट लॉजिस्टिक्स: ऑर्डर मिलते ही वेंडर फ्रेश खाना पैक करता है, और ‘Streat Eats Logistics’ की अपनी टीम तुरंत उसे गरम-गरम कस्टमर तक डिलीवर कर देती है। सबसे खास बात यह है कि वेंडर्स को उनकी दिनभर की कमाई का सेटलमेंट हर शाम पूरी पारदर्शिता के साथ कर दिया जाता है।
एक अपील स्थानीय जनता के नाम: इतनी कम उम्र में, बिना किसी फालतू के लीगल खर्चों के, सीधे ग्राउंड लेवल पर काम करना और वेंडर्स का भरोसा जीतना वाकई काबिले-तारीफ है। आज इन बच्चों ने इतनी छोटी उम्र में इतनी बड़ी सोच दिखाई है, तो कल ये देश स्तर पर भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं। आप सभी से अनुरोध है कि इन बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए ‘Streat Eats’ ऐप को ज़रूर डाउनलोड करें और एक बार सेवा का मौका देकर स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाएं!
















