कुमाऊं क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली कुमाऊं की ‘लाइफलाइन’ पर अचानक एक बड़ा संकट मंडराने लगा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है।
प्राप्त जानकारी और तस्वीरों के अनुसार, रामगढ़ पुल के ठीक बगल में भीषण भूधंसाव (लैंडस्लाइड) हुआ है। पहाड़ी खिसकने और लगातार हो रहे भूकटाव के कारण सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभरा कर सीधे नीचे नदी/खाई में समा गया है। स्थिति इतनी संवेदनशील हो चुकी है कि पुल के मुहाने से सटी जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है।
सड़क का आधा हिस्सा ढह जाने के कारण अब वहां महज कुछ फीट का रास्ता ही बचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से पर ईंट-पत्थर रखकर छोटे वाहनों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए भारी वाहनों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है।
यदि यह मार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कुमाऊं के ऊपरी इलाकों को जाने वाले हजारों वाहनों के पहिए थम जाएंगे। इससे न केवल आवश्यक सेवाओं (जैसे राशन, दवाइयां) की आपूर्ति रुकेगी, बल्कि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की मुश्किलें भी काफी बढ़ जाएंगी।
स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि समय रहते इस लाइफलाइन को पूरी तरह मलबे में तब्दील होने से बचाया जा सके।

















