(कामरेड नागेन्द्र सकलानी और‌ भोलू भंडारी को 78वें शहादत दिवस पर नमन किया)


भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला अल्मोड़ा ईकाई द्वारा कॉमरेड नागेन्द्र सकलानी और भोलू भरदारी के 78वें शहादत दिवस पर दोनों क्रांतिकारियों का स्मरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रृद्धांजलि सभा में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि टिहरी रियासत में जनता पर सामंतशाही का दमन जोरों पर था। जिसके विरुद्ध युवा नागेन्द्र ने जनता को आंदोलन के लिए तैयार किया दादा दौलतराम ने जगह जगह जन सभाएं की, कड़ाकोट और डांगचौर क्षेत्र में नागेन्द्र सकलानी को गिरफ्तार कर टिहरी जेल में डाल दिया और 3जनवरी 1946 को रिहा किया गया। 15अगस्त 19470को देश आजाद हो चुका था, लेकिन टिहरी रियासत अभी भी राज शाही के अधीन था, इस अन्याय के खिलाफ 10जनवरी 1948को प्रजा मंडल के युवा नेता कामरेड नागेंद्र सकलानी के नेतृत्व में ट्रैपन सिंह नेगी किसान नेता दादा दौलतराम आदि सैकड़ों लोगों ने कीर्ति नगर के सरकारी भवनों को घेर लिया। जिस कारण रियासत की फौज और प्रशासन आत्मसमर्पण को करना पड़ा, इस प्रकार कीर्ति नगर आज़ाद पंचायत की स्थापना की गई। 11जनवरी 1948के संघर्ष में नागेन्द्र सकलानी और भोलू भरदारी वीरगति को प्राप्त हुए। लंबे संघर्षों के बाद 1जनवरी 1949को कामरेड वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों द्वारा टिहरी रियासत का भारत में विलय कर लिया गया।
श्रृद्धांजलि सभा में सीपीआईएम जिला सचिव कॉम राजेंद्र प्रसाद जोशी, यूसुफ तिवारी, सुनीता पाण्डे, योगेश कुमार टम्टा, प्रमोद तिवारी ने भाग लिया।

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