उत्तरकाशी: उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से पिछले सात दिनों से लापता नैनीताल (रामनगर) की 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे का सुराग लगाने के लिए अब हवाई ताकत झोंक दी गई है। लगातार असफल हो रहे जमीनी सर्च ऑपरेशन के बीच रविवार को पहली बार ‘यूकाडा’ (UCADA) के हेलीकॉप्टर के जरिए दयारा बुग्याल और उसके आसपास के बेहद दुर्गम, गहरी खाइयों और घने जंगलों वाले इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया गया।

​क्या निकला हवाई और जमीनी सर्वे में?

​हवाई सर्वेक्षण और अब तक की सघन तलाशी के बावजूद बबीता पांडे का कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लग सका है। पुलिस कप्तान कमलेश उपाध्याय की निगरानी और पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में करीब 150 जवानों की संयुक्त टीम (जिसमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एनआईएम, स्थानीय पुलिस और वन विभाग शामिल हैं) रात-दिन गोई बेस कैंप और उसके 5 किलोमीटर के दायरे में जमीनी खाक छान रही है। खोजी कुत्तों, ड्रोन कैमरों और यहाँ तक कि गोई झील की गहराइयों में उतरी ‘डीप डाइविंग टीम’ को भी अब तक निराशा ही हाथ लगी है।

​मामले में आए नए और चौंकाने वाले मोड़:

  • फर्जी परमिट का भंडाफोड़: जिला पर्यटन विभाग की जांच में सामने आया है कि ट्रेकिंग एजेंसी ‘प्रो माउंटेन’ ने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर एक पुराने, एक्सपायर्ड परमिट पर बबीता और उसके साथियों के नाम एडिट करके फर्जीवाड़ा किया था, जिसके कारण शुरुआती रेस्क्यू में भी देरी हुई। प्रशासन ने एजेंसी का रजिस्ट्रेशन तुरंत सस्पेंड कर दिया है।
  • साथी हिरासत में, हत्या या अनहोनी की आशंका: बबीता के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने उसके साथ गए दो दोस्तों (हरमनप्रीत और हरमनपाल) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। पुलिस हर एंगल—आपसी विवाद, वन्य जीवों का हमला या किसी गहरी साजिश—से पूछताछ कर रही है।

​फिलहाल, उत्तरकाशी पुलिस और रेस्क्यू एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और बबीता की सकुशल बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभियान लगातार जारी रखे हुए हैं।

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