भवाली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को अचानक नैनीताल जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने जनपद की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम-रातीघाट) का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले इस बाईपास का निर्माण कार्य पूर्ण कर इसे सुचारू कर दिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से न जूझना पड़े।

बाबा नीम करोरी के भक्तों को मिलेगी बड़ी राहत

​निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम में बाबा नीम करोरी के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है, जिससे निजात दिलाने के लिए सरकार इस बाईपास निर्माण को प्राथमिकता दे रही है। इस मार्ग के तैयार होने से न केवल कैंचीधाम बल्कि अल्मोड़ा और अन्य पहाड़ी जिलों को जाने वाले यात्रियों का सफर भी आसान हो जाएगा।

परियोजना की वर्तमान प्रगति: एक नजर में

​लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने मुख्यमंत्री को कार्य की प्रगति का विवरण दिया:

  • कुल लंबाई: प्रस्तावित बाईपास 18.15 किलोमीटर लंबा है।
  • पूर्ण कार्य: 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण और हॉटमिक्स का काम 12 करोड़ की लागत से पूरा हो चुका है।
  • जारी कार्य: शेष 10.15 किलोमीटर में पहाड़ कटिंग, कलमठ निर्माण और सुरक्षा दीवारों का काम ₹9.81 करोड़ की लागत से जारी है।
  • मुख्य आकर्षण: रातीघाट स्थित अल्मोड़ा हाईवे से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान के मोटर पुल का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिसके लिए ₹9.63 करोड़ स्वीकृत हैं।

भवाली बाजार को भी मिलेगा जाम से छुटकारा

​मुख्यमंत्री ने भवाली बाईपास और शिप्रा नदी पर नवनिर्मित 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ₹9.99 करोड़ की लागत से तैयार यह बाईपास भवाली बाजार के व्यस्त ट्रैफिक को कम करेगा।

​निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का मानवीय पक्ष भी देखने को मिला। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों से बातचीत कर उनका हाल जाना और बर्फबारी का आनंद लेने आए पर्यटकों से भी फीडबैक लिया। पर्यटकों ने क्षेत्र की सुंदरता और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर डीएम ललित मोहन रयाल और एसएसपी मंजूनाथ टीसी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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