( वरिष्ठ चिकित्सक जे० सी० दुर्गापाल की आम जनता से अपील)
होली रंगों का त्योहार है, लेकिन उत्साह में कभी कभी असावधानी हो जाती है जिस कारण कोई भी अप्रिय स्थिति आ सकती है, वरिष्ठ चिकित्सक जे० सी० दुर्गापाल कुछ सुझाव दे रहे आइये कुछ गौर करें
1-अपनी सुन्दर आँखों का व बदन का ध्यान रखे!
2-आँखों में रंग से घाव हो सकता है, रोशनी कम हो सकती है, आँखों क़ी काली पुतली में घाव हो सकता है, तथा आदमी अंधा हो सकता है व मोतियाबिन्द भी बन सकता है!
3- गुलाल के रंग से खुजली भी हो सकती है!
4-कुछ रंगों में लेड होता है जो शरीर के लिए खतरनाक हो सकते हैं जैसे केंसर भी संभावना होती है!
5-खाल के रोगों क़ी संभावना अधिक हो जाती है, बालों का रंग बदल जाता है बाल उखाड़ने लगते हैं!
6-जहा तक हो सके प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करे!
क्य़ा न करे
1- अगर कोई व्यक्ति अपनी ड्यूटी में हो तो होली के रंगों का प्रयोग न करे इससे कार्य में व्यवधान होता है!
2-अछा यही होगा कि होली के कपड़े लोगों पर ही इसके रंगों का प्रयोग हो!
3-बिना अनुमति के किसी को रंग न लगाएं!
4- मिट्टी मिले रंग व पेंट आदि का तनिक भी प्रयोग न करे!
5-पानी /रंग से गुब्बारे भी न फेंके, इससे आँखों को नुकसान हो सकता है!
डॉ जे सी दुर्गापाल
वरिष्ट नेत्र चिकित्सक, अल्मोड़ा

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