( “नारी नारी की दुश्मन है, इसकी शुरुआत घर आंगन से सास बहू की नोक झोंक व पारिवारिक कलह से होती है, ।कमला बिष्ट कमल”।
दर्जनों साहित्यकारों, साहित्यप्रेमियों, व रंगकर्मियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।)
साहित्यकारों की जानी-मानी संस्था छंजर सभा अल्मोड़ा के तत्वावधान में कवियत्री कमला पांडेय “कमल” की दो पुस्तकों भावपुंज और अनुभूति का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रंगकर्मी वरिष्ठ पत्रकार नवीन बिष्ट ने पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।
पुस्तकों की समीक्षा डाक्टर ललित जोशी योगी ने की।वरिष्ठसाहित्यकार पूर्व प्रधानाचार्य नीलम नेगी, गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के भीम सिंह अधिकारी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नीरज पंत ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व मंत्रोंचार के साथ किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में डाक्टर ललित योगी ने कहा भावपुंज भीतर से निकली प्रेरणा है। किलमोडा़ कविता की प्रशंसा की। देशभक्ति, मां की ममता व वेदना से ओतप्रोत है।समाज को जागृत व चेतना से ओतप्रोत संग्रह है।
दूसरा संकलन अनुभूति भी आदर्श, समाज को प्रेरित करने वाली कवितायें हैं। वक्ता भीम सिंह अधिकारी ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा भावनाओं को सत्य का पर्याय कहा जाता है लेखिका की कविता सत्य का प्रतिनिधित्व करती है। वरिष्ठ साहित्यकार नीलम नेगी ने बधाई देते हुए कहा शिष्य को अग्रसर होते हुये गर्व महसूस हो रहा है। कवियत्री ने समाज के हर पहलू को अपनी कविता में समाहित किया है। यह इनकी संवेदनशीलता को दिखाता है।
मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने अपने सम्बोधन में कहा हर कविता में भावों की प्रस्तुति है कमला के प्रयास सराहनीय व अनुकरणीय है।
प्रत्येक कविता में विषय चयन समाज को एक नयी दिशा दिखाने वाले हैं। काव्य रस की आत्मा है, प्रत्येक कविता रस से भरी है, निःसंदेह कवि एक परिपक्व कवि हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार रंगकर्मी नवीन बिष्ट ने सभी को बधाई देते हुए छंजर सभा के संयोजक डाक्टर रमेश लोहुमी व संचालन कर रहे नीरज पंत की भूरि भूरि प्रशंसा की। पुस्तकों के क्रम में कहा”भावपुंज “भावों का वास्तव में भावनाओं का पुंज है अनुभूति काव्य संग्रह प्रत्येक अनुभव की अनूभूति अनंत यात्रा की तरफ अग्रसर करती है।द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें जाने माने कवियों ने काव्य पाठ किया।

















