जिलाधिकारी अलमोडा़ अंशुल सिंह के निर्देशों के क्रम में जनपद में वनाग्नि की रोकथाम हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान जनपद की सभी 1160 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा।
अभियान के प्रथम दो दिनों, दिनांक 28 एवं 29 अप्रैल 2026 को जनपद के विभिन्न विकास खण्डों की कुल 576 ग्राम पंचायतों में वनाग्नि जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों को वनाग्नि के कारणों, उससे होने वाले दुष्परिणामों तथा उसकी रोकथाम के प्रभावी उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयोजित कार्यक्रमों में कुल 9055 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो इस अभियान के प्रति जनसहभागिता और जागरूकता का सकारात्मक संकेत है। कार्यक्रमों के दौरान वनाग्नि से जल स्रोतों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, जैव विविधता के नुकसान तथा बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला गया।जिलाधिकारी ने अपील की है कि अपने जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन और आम जन को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

















