पिथौरागढ़। पहाड़ में जहां एक तरफ बेटियां हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय से एक बेहद शर्मनाक और रूढ़िवादी सोच का मामला सामने आया है। यहां महिला अस्पताल में दूसरी बेटी के जन्म से नाराज एक युवक ने जमकर हंगामा काटा, जिससे अस्पताल प्रशासन और तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई की है।
मिली जानकारी के अनुसार, दिग्तोली गांव निवासी एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। जैसे ही बच्ची के जन्म की खबर बाहर आई, उसका पति खुशी मनाने के बजाय आगबबूला हो गया। युवक इस बात से नाराज था कि उसके घर में लगातार दूसरी बार बेटी ने जन्म लिया है। इसी बात से बौखलाकर उसने अस्पताल परिसर में ही जोर-जोर से चिल्लाना और स्टाफ के साथ बदसलूकी करना शुरू कर दिया।
युवक के इस हाईवोल्टेज ड्रामे और शोर-शराबे से प्रसूता, नवजात बच्चे और अस्पताल का स्टाफ बेहद परेशान हो गए। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बश्किल युवक को शांत कराया और उसे हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। अस्पताल में किए गए मेडिकल टेस्ट में युवक के अत्यधिक नशे में होने की पुष्टि हुई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई की गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले में कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई थी, इसलिए पुलिस ने शांति भंग और हुड़दंग काटने की धाराओं में एक्शन लिया।
इस घटना के बाद स्थानीय समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जब बेटियां सीमाओं की सुरक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक का सफर तय कर रही हैं, ऐसे समय में बेटी के जन्म पर ऐसी घटिया नाराजगी दिखाना समाज की पिछड़ी और बीमार सोच को उजागर करता है। समाज को जागरूक होकर बेटा-बेटी के इस गहरे भेदभाव को पूरी तरह खत्म करने की सख्त जरूरत है।

















