(*दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर अंकिता के पिता नाराजराष्ट्रपति से लगाई न्याय की गुहार, जनता से सड़क पर उतरकर विरोध करने की अपील
विपक्ष व लोगों ने कहा उत्तराखंड की इज्जत पर तमाचा मारना है ।)

भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाये जाने से उत्तराखंड में माहोल गर्मा गया है ‌विपक्ष ने इसे उत्तराखंड की इज्जत पर तमाचा मारना कहा है, अन्य महिलाओं के संगठनों इसे नारी अपमान कहा है।

वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर अंकिता के पिता वीरेन्द्र भंडारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपनी बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लगाते हुए प्रदेश की जनता से इस मुद्दे पर आवाज उठाने और सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है।

वीरेन्द्र भंडारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत की थी और सीबीआई जांच की मांग उठाई थी, उन्हें महत्वपूर्ण संवैधानिक पद दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से उत्तराखंड की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है दुष्यंत गौतम को 12 अक्टूबर 2026 को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर से उत्तराखंड में माहोल गर्मा गया।वह भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व प्रभारी रह चुके हैं।वीरेन्द्र भंडारी ने जनता से अपील की कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोग आगे आएं और अपनी आवाज बुलंद करें।

उन्होंने पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी उर्मिला सनावर के उस वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें कथित वीआईपी के संबंध में कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।


अंकिता के पिता ने हाथ जोड़कर राष्ट्रपति से अपनी बेटी को न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, उनकी लड़ाई जारी रहेगी।अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड में लंबे समय से जनभावनाओं से जुड़ा संवेदनशील मामला रहा है।

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