उत्तराखंड के रानीखेत क्षेत्र से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार छह दिनों तक चले अत्यंत चुनौतीपूर्ण और थकावट भरे सर्च अभियान के बाद, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की संयुक्त टीम ने एक 28 वर्षीय लापता युवती को सुंदरखाल के घने जंगलों से सकुशल बरामद कर लिया है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद, रेस्क्यू टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए युवती को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।

​मामला 01 जुलाई 2026 की शाम का है, जब रानीखेत निवासी गिरीश पुजारी की 28 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ पुत्री घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो 03 जुलाई को कोतवाली रानीखेत में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए अल्मोड़ा के एसएसपी चन्द्रशेखर घोडके ने तुरंत त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

​युवती की तलाश के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पीएसी, डॉग स्क्वॉड और वन विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय हुईं। कोतवाली रानीखेत की टीम ने सबसे पहले संभावित रास्तों के 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि युवती मजखाली क्षेत्र से बाहर नहीं गई है। इसके बाद रेस्क्यू टीमों ने मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल और बूबूधाम के बेहद दुर्गम व घने जंगलों में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इस खोज अभियान में आधुनिक ड्रोन कैमरों और खोजी कुत्तों की भी प्रभावी मदद ली गई।

​07 जुलाई 2026 की शाम करीब 16:30 बजे, रेस्क्यू टीम को सुंदरखाल गांव से लगभग चार किलोमीटर दूर घने जंगल में बड़ी सफलता मिली, जहां युवती सुरक्षित पाई गई। टीम ने तुरंत मौके पर ही उसे प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद, बेहद कठिन रास्तों और लगातार बारिश के बीच उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर लगभग छह किलोमीटर का पथरीला और दुर्गम पैदल रास्ता पार कराया गया और मुख्य सड़क तक लाया गया। वहां से एम्बुलेंस के माध्यम से उसे तुरंत राजकीय चिकित्सालय, रानीखेत भेजा गया।

परिजनों ने जताया आभार: युवती की सुरक्षित वापसी पर भावुक होकर परिजनों ने अल्मोड़ा पुलिस और सभी रेस्क्यू टीमों का दिल से आभार व्यक्त किया। स्थानीय जनता और उच्च अधिकारियों ने भी इस बेहद कठिन लेकिन सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सभी टीमों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की है।

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