हिम शिखर व्यूरो गरमपानी
(हल्द्वानी अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भवाली से श्री कैंची धाम मंदिर मंदिर मार्ग से गुजर कर जाना है तो एक सौ huरुपए पार्किंग शुल्क अदा करो,वरना रातीघाट रूट से जाओ)
हल्द्वानी अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक नियंत्रण पर नैनीताल जनपद पुलिस व प्रशासन अनेक नियम बना रही है, श्री कैंची धाम मंदिर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पर नियंत्रण हेतु शटल सेवा चालू कर दी है साथ ही सचिव मुख्यमंत्री/ कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत ने यह भी कहा कि श्रृद्धालुओं की भीड़ नियंत्रण के ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि अल्मोड़ा, पिथोरागढ़ व अन्य क्षेत्रों के यात्रियों को अनावश्यक रूप से परेशानी का सामना न करना पड़े। यही बात केन्द्रीय परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी अधिकारियों के साथ बैठक ले कर कहीं ।
लेकिन आज ( रविवार) को कुछ टैक्सी चालको द्वारा बताया गया कि उनको अचानक रोक लिया गया और कहा कि यदि श्री कैंची धाम मंदिर मार्ग से गुजरते हुए अल्मोड़ा, रानीखेत की तरफ जाना है तो एक सौ रुपए(100) की पर्ची कटाओ वरना रातीघाट होते हुए बाईपास से जाओ। न पार्किंग पर वाहन खड़ा किया लेकिन एक सौ रुपए वसूले


(देखिए पर्ची,)
हिमशिखर एक्सप्रेस चालकों द्वारा दिखायी गयी पर्ची व घटना की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है , लेकिन फिलहाल यह जांच का विषय है, यह व्यवस्था नैनीताल जनपद पुलिस अथवा जिला प्रशासन द्वारा की गयी है अथवा कैंची धाम कार पार्किंग अवैध वसूली कर धन कमा रही।,
उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डाक्टर मंजू नाथ टी सी के संज्ञान में लाया गया
उनका कहना है पुलिस द्वारा रातीघाट बाईपास से ही वाहनों को भेजा जा रहा है, श्री कैंची धाम मंदिर मार्ग से पहाड़ जाने वाले वाहनों को रोका जा रहा है। पुलिस प्रशासन का इस प्रकार का कोई आदेश नहीं है। यह कार पार्किंग प्रबंधन और वाहन चालकों का आपसी मामला है।
इस मामले पुलिस प्रशासन व यातायात व्यवस्था में लगी टीम से विशेष अनुरोध किया जा रहा है कि यदि बाईपास व्यवस्था चलते वाहन श्री कैंची धाम मंदिर मार्ग से कैसे आ जा रहे हैं,? कहीं मिली भगत चलते अवैध वसूली का एक नया सिलसिला तो चालू नहीं हो रहा है। दूध का दूध पानी का पानी होने के जांच और त्वरित कार्रवाई जनहित में आवश्यक है।





















