( अल्मोड़ा के शिक्षाविद् सुशील कुमार जोशी नहीं सहन कर पाये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित हर गोविंद पंत की उपेक्षा, पहुंचे जिला चिकित्सालय अलमोडा़ में हर गोविंद पंत की आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण को। परिजन भी भूल गये पूर्वजों की जयंती)


अल्मोड़ा मुख्यालय के केंद्र बिंदु में स्थापित जिला चिकित्सालय जो उत्तराखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद और समाज सुधारक पंडित हरगोविंद पंत के नाम से जाना जाता है, इतना ही नहीं चिकित्सालय परिसर में पंडित हर गोविंद पंत की आदमकद मूर्ति भी सम्मान में स्थापित है। लेकिन दुर्भाग्य पंडित हर गोविंद पंत की जयंती कोई आयोजन तो दूर उनकी मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित कर माल्यार्पण करना न तो उनके परिजनों को याद रहा, न जिला प्रशासन और विशेषकर जिला चिकित्सालय प्रबंधन समिति को भी जंयती याद न आयी।


इससे बड़ कर स्वतंत्रता सेनानी और उत्तराखंड की एक महान विभूति की क्या उपेक्षा हो सकती है।उपेक्षित पड़ी प्रतिमा देख अल्मोड़ा इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं वरिष्ठ शिक्षाविद सुशील कुमार जोशी माला लेकर स्वयं जिला चिकित्सालय पहुंचे। उनके आग्रह पर अस्पताल स्टाफ द्वारा पंडित हरगोविंद पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान मनमोहन बोरा, सुरक्षा अधिकारी हरीश सिंह बिष्ट तथा सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे भी मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब जिले के महान स्वतंत्रता सेनानियों की उपेक्षा हुई हो। इससे पहले भी प्रशासन और चिकित्सा प्रबंधन स्वतंत्रता सेनानी विक्टर मोहन जोशी की जयंती को भी भूल चुका है।


इस तरह की घटनाओं से साफ जाहिर होता है कि एक समय बाद महान विभूतियों को शासन प्रशासन, प्रबंधन ही उनके परिजन भी भूल जाते हैं श्रृद्धासुमन और श्रृद्धांजलि अर्पित करने को।
इस तरह की घटनाओं को देख बहुत प्रश्न उठते हैं, फिर उन्हीं प्रश्नों से खुद-ब-खुद जबाब भी मिल जाते हैं। फिर चुप्पी। एक सवाल आखिर हम कहां से कहां पहुंच गए?

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