हल्द्वानी: सोशल मीडिया पर अपने व्लॉग और रील्स के जरिए खासी पहचान रखने वाली प्रसिद्ध इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट एक नए विवाद में घिर गई हैं। नवरात्र के पवित्र दिनों के दौरान हल्द्वानी बाजार में मां काली का स्वरूप धारण कर घूमना और वीडियो शूट करना उन्हें भारी पड़ता नजर आ रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य करार देते हुए कोतवाली के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और नीतू बिष्ट के खिलाफ मुकदमा (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को एक शिकायती पत्र सौंपा है।

बाजार में बच्चों से बातचीत और मोमोज खाने पर आपत्ति

वायरल हो रहे वीडियो में नीतू बिष्ट मां काली का रूप और श्रृंगार किए हुए खुले बाजार में घूमती दिखाई दे रही हैं। इस दौरान वह कुछ छोटे बच्चों से संवाद करती नजर आती हैं, जिसमें वह बच्चों से उन्हें देखकर न डरने और नमस्ते करने की बात कह रही हैं। इसके अलावा, वीडियो के एक हिस्से में वह इसी पारंपरिक और धार्मिक स्वरूप में सड़क किनारे खड़े होकर मोमोज खाती हुई भी नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर इस पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।

‘पब्लिसिटी स्टंट नहीं, धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार’

प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि नवरात्र जैसे पावन पर्व पर सनातन आस्था के सबसे पूजनीय स्वरूपों में से एक मां काली के पवित्र रूप को इस तरह आपत्तिजनक और विकृत तरीके से पेश करना असहनीय है। सार्वजनिक स्थानों पर इस रूप में घूम-घूमकर वीडियो बनाना न केवल लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है, बल्कि इससे बच्चों और आम जनता के मन में भय व असमंजस का माहौल भी पैदा हुआ।

संगठन के प्रतिनिधियों ने इसे महज महज एक सस्ता पब्लिसिटी स्टंट और व्यूज बटोरने का जरिया बताया है। पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द से जल्द आरोपी इन्फ्लुएंसर के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज नहीं की गई, तो हिंदू समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

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