उत्तराखंड सरकार स्वतंत्रता दिवस पर राज्य के पूर्व अग्निवीरों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 15 अगस्त को ‘अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल’ के गठन को औपचारिक मंजूरी देंगे। स्वीकृति मिलते ही यह सेल पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा।

​मुख्यमंत्री धामी ने 17 जुलाई को पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए इस सेल के गठन की घोषणा की थी। महज एक महीने के भीतर सभी औपचारिकताओं को पूरा कर सरकार अपने वादे को धरातल पर उतारती नजर आ रही है।

सेल का ढांचा और कार्यप्रणाली

​इस सेल में मुख्यमंत्री के अलावा सेना के एक सेवानिवृत्त कर्नल, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञों की एक टीम शामिल होगी। यह टीम अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता, रुचि और सैन्य अनुभव का विश्लेषण कर उनके लिए करियर के बेहतर विकल्प तलाशेगी:

  1. कॉर्पोरेट व एमएनसी नौकरियां: बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी के इच्छुक युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Training) के अवसर दिए जाएंगे।
  2. स्वरोजगार प्रोत्साहन: अपना निजी उद्यम शुरू करने के इच्छुक अग्निवीरों को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी।
  1. सैनिक कल्याण बोर्ड का सहयोग: पहले से काम कर रहे राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के अनुभवों का लाभ भी इस प्रक्रिया में लिया जाएगा।

दिसंबर-जनवरी में लौटेगा 1,200 जवानों का पहला बैच

​अग्निवीरों के पहले बैच में उत्तराखंड के लगभग 1,200 जवान दिसंबर-जनवरी में अपनी 4 साल की सेवा पूरी कर रिटायर होंगे। राज्य सरकार ने इनके समयबद्ध समायोजन और सम्मानजनक भविष्य के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है।

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