(*सोमेश्वर विधानसभा सीट से पेराशूट प्रत्याशी की तैयारी उदाहरण।
**अल्मोड़ा जनपद की छहों सीटों पर नहीं खुलेगा कांग्रेस का खाता।
*** धामी के नेतृत्व में भाजपा बनाएगी प्रचंड बहुमत की सरकार
**** दीपावली पर्व पर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया)

अल्मोड़ा दीपावली पर्व की पूर्व संध्या पर ,पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक ने कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास अब न तो मजबूत संगठन बचा है और न ही विकास को लेकर कोई ठोस सोच। जनता कांग्रेस की नीतियों और कार्यशैली को समझ चुकी है।
आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।कर्नाटक ने दावा किया कि इस बार अल्मोड़ा जिले की छह विधानसभा सीटों में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाएगी। कांग्रेस का पैराशूट प्रत्याशी की तैयारी इसका उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के पक्ष में माहौल लगातार मजबूत हो रहा है और जनता विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर भाजपा को दोबारा सत्ता सौंपने का मन बना चुकी है बारामंडल विधानसभा के कांग्रेस विधायक पर निशाना साधते हुए कर्नाटक ने लोधिया स्थित फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि करीब 14 वर्ष पूर्व युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य के सपने दिखाते हुए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की लागत से फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का भवन तो तैयार कर दिया गया, लेकिन इसके संचालन को लेकर कोई प्रभावी प्रयास नहीं किए गए।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर होते तो इतने वर्षों में संस्थान का संचालन शुरू हो चुका होता। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को उसके कार्यों का जवाब देगी और प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की मजबूत सरकार बनेगी। अपनी चुनावी दावेदारी को लेकर कोई सीधा ऐलान नहीं किया, लेकिन अहम् भूमिका को नजरंदाज नहीं किया जा सकता।
दीपावली पर भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक ने किया वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान,बोले बुजुर्गों का आशीर्वाद और अनुभव समाज की सबसे बड़ी धरोहर,वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान से बढ़ता है समाज का गौरव,नई पीढ़ी को उनके जीवन संघर्षों और संस्कारों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
अल्मोड़ा-दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का त्योहार नहीं है बल्कि यह आपसी प्रेम,सद्भाव,सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है।इसी भावना को आत्मसात करते हुए भाजपा नेता एवं पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने दीपावली के पावन अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके जीवनभर के योगदान को समाज की अमूल्य धरोहर बताया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और आत्मीयता का भाव देखने को मिला।बिट्टू कर्नाटक ने वरिष्ठजनों को सम्मानित करते हुए कहा कि किसी भी परिवार,समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव उसके बुजुर्गों के त्याग,तपस्या, अनुभव और संस्कारों पर टिकी होती है।
आज हम जिस सामाजिक व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों पर गर्व करते हैं, उसके निर्माण में हमारे वरिष्ठ नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है,उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार,समाज और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के निर्माण में समर्पित किया है,ऐसे में उनका सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं,बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं।उनके अनुभवों में संघर्षों की सीख,जीवन की समझ और आने वाली पीढ़ियों के लिए अनगिनत प्रेरणाएं छिपी होती हैं।आज के बदलते सामाजिक परिवेश में जहां नई पीढ़ी आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रही है, वहीं उसे अपने बुजुर्गों के अनुभवों,संस्कारों और परंपराओं से जुड़े रहना भी बेहद आवश्यक है।जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है,वहां संस्कार, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता हमेशा मजबूत बनी रहती है।
बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि दीपावली हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देती है।ऐसे पावन अवसर पर समाज के उन लोगों को सम्मान देना, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज और परिवार के निर्माण में लगाया है, दीपावली की खुशियों को और अधिक सार्थक बनाता है। बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाना,उनके साथ समय बिताना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना किसी भी उत्सव की सबसे बड़ी खुशी हो सकती है।उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों को केवल विशेष अवसरों पर ही नहीं,बल्कि प्रतिदिन सम्मान, स्नेह और सहयोग मिलना चाहिए।इस अवसर पर समाज की ओर से भी वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि बुजुर्ग किसी भी समाज की जीवंत विरासत होते हैं।
उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए परिवारों को आगे बढ़ाया, सामाजिक परंपराओं को जीवित रखा और समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके संघर्षों और अनुभवों के कारण ही आज नई पीढ़ी को बेहतर अवसर और मजबूत सामाजिक आधार प्राप्त हुआ है।वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनके प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
बदलती जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के बीच कई बार बुजुर्गों को वह समय और अपनापन नहीं मिल पाता, जिसके वे वास्तविक रूप से हकदार हैं। ऐसे में इस प्रकार के सम्मान कार्यक्रम समाज को एक सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को अपने बुजुर्गों के प्रति जिम्मेदारियों का एहसास कराते हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उनके मार्गदर्शन से कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की प्रेरणा मिलती है। नई पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने वरिष्ठजनों के अनुभवों को सुने, उनसे सीखे और उनके सम्मान को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए।बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग तक खुशियां और सम्मान पहुंचे।
दीपावली जैसे पर्व पर जरूरतमंदों की सहायता करने, वरिष्ठजनों का सम्मान करने और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने जैसे प्रयासों से त्योहार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ।वरिष्ठ नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और समाज में इसी प्रकार प्रेम, सद्भाव तथा आपसी सम्मान की भावना बनाए रखने का संदेश दिया।




























