बिसगुली नहर को लेकर क्रमिक अनशन जारी, सिंचाई के साथ पेयजल और अतिक्रमण हटाने की मांग भी आंदोलन में शामिल
गरमपानी- बेतालघाट बिसगुली सिंचाई नहर को लेकर अमेल में शुरू हुआ ग्रामीणों का क्रमिक आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। पांच साल से नहर में पानी नहीं आने और करीब दो वर्ष पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। शनिवार को ग्रामीणों ने क्रमिक अनशन जारी रखते हुए साफ कर दिया कि जब तक नहर निर्माण और सिंचाई व्यवस्था बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
शनिवार को धरना स्थल पर हीरा सिंह फर्त्याल, शंकर लाल चौधरी, बच्ची राम, दिनेश सिंह, कनिष्ठ प्रमुख लीला राम, नवीन चमकानी, नन्दन सिंह, गोपाल सिंह, कान्ति राम, शंकर लाल, वीरेंद्र सिंह, प्रकाश सिंह और हीरा सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे। इनके समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर मौजूद रहे। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने दो नई मांगें भी शामिल कर दी हैं। अब आंदोलन तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चलाया जा रहा है। इसमें बिसगुली माइनर नहर में सिंचाई के लिए जलापूर्ति उपलब्ध कराना प्रमुख मांग है। इसके साथ ग्राम पंचायत अमेल में पेयजल योजना का निर्माण कराने तथा ग्राम अमेल के ग्रामीणों और ग्राम पंचायत की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग भी उठाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 से नहर में पानी नहीं आने के कारण क्षेत्र के किसानों की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है। सिंचाई का साधन बंद होने से खेत बारिश के भरोसे रह गए हैं और कई खेत धीरे-धीरे बंजर होते जा रहे हैं। वहीं, नहर के पुनर्निर्माण के लिए करीब दो वर्ष पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से किसान अधिकारियों और जिम्मेदार विभागों से नहर चालू कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। ऐसे में अब ग्रामीण आंदोलन से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो क्रमिक आंदोलन को विशाल आंदोलन में तब्दील किया जाएगा।


















