उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 10 से 12 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और मूसलाधार बौछारें पड़ने की गंभीर चेतावनी (Weather Alert) जारी की है। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने और इस दौरान किसी भी तरह की अनावश्यक या गैर-जरूरी यात्रा से बचने की विशेष अपील की है।

दिन-प्रतिदिन का मौसम पूर्वानुमान

10 जुलाई: इन 7 जिलों में मंडराएगा खतरा

​शुक्रवार, 10 जुलाई को राज्य के सात प्रमुख जिलों—देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत में मौसम का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और वर्षा के अति तीव्र दौर चलने की आशंका है। राज्य के बाकी बचे जिलों में भी कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

11 जुलाई: कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान

​शनिवार, 11 जुलाई को बारिश का मुख्य केंद्र कुमाऊं मंडल रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, बिजली कड़कने और अत्यंत तेज बारिश की संभावना है। गढ़वाल मंडल सहित राज्य के बाकी हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

12 जुलाई: देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर पर रहेगा असर

​रविवार, 12 जुलाई को देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में मौसम एक बार फिर करवट लेगा। यहां कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तीव्र बौछारें पड़ने की उम्मीद है। वहीं, राज्य के शेष अन्य जनपदों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की स्थिति बनी रहेगी।

प्रशासन की सख्त हिदायत: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides), सड़कों के अवरुद्ध होने, निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की पूरी आशंका है। मौसम विभाग और प्रशासन ने सभी नागरिकों व पर्यटकों को संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने तथा आपदा प्रबंधन के नियमों का पालन करने की सलाह दी है।

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