नैनीताल ।राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के लिए विकास की एक नई इबारत लिखी है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के तहत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF)–XXXI के अंतर्गत जनपद की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए ₹18.87 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
नाबार्ड नैनीताल के जिला विकास प्रबंधक श्री मुकेश बेलवाल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि यह धनराशि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने में मील का पत्थर साबित होगी।
प्रमुख विभागों को आवंटित बजट और योजनाएं
स्वीकृत धनराशि को तीन प्रमुख विभागों के माध्यम से जनहित की परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा:

विभाग का नामस्वीकृत राशिमुख्य परियोजनाएं
लोक निर्माण विभाग (PWD)₹9.26 करोड़भीमताल और रामनगर ब्लॉक में दो महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों का निर्माण।
ग्रामीण कार्य विभाग₹4.95 करोड़ओखलकांडा विकासखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार।
कौशल विकास एवं रोजगार विभाग₹4.66 करोड़आईटीआई (ITI) हल्द्वानी में आधुनिक छात्रावास भवन का निर्माण।
सड़कों से सुधरेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग को मिली लगभग ₹14.21 करोड़ की धनराशि से भीमताल, रामनगर और ओखलकांडा जैसे क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
  • बाजार तक पहुंच: नई सड़कों के निर्माण से किसानों को अपनी फसल, फल और सब्जियां मुख्य मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
  • आपातकालीन सेवाएं: दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
  • स्थानीय पर्यटन: बेहतर सड़कों से इन विकासखंडों में होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
    ITI हल्द्वानी में छात्रावास: युवाओं के लिए बड़ा अवसर
    हल्द्वानी आईटीआई में ₹4.66 करोड़ की लागत से बनने वाले छात्रावास से दूर-दराज के पहाड़ी क्षेत्रों के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। अब पहाड़ों के युवा हल्द्वानी में रहकर तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी स्किल बढ़ेगी बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर स्वरोजगार और उद्योगों में नौकरी के पात्र बन सकेंगे।

नाबार्ड का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ कर समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। ये परियोजनाएं क्षेत्रीय असमानता को कम करने और लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होंगी।” > — श्री मुकेश बेलवाल, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड

निष्कर्ष
नाबार्ड की इस पहल से नैनीताल के ग्रामीण अंचल में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा। सड़क, शिक्षा और कौशल विकास के इन कार्यों से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

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