सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, परिसर अल्मोड़ा के कंप्यूटर विज्ञान विभाग में विद्यार्थियों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मानसिक विकास के उद्देश्य से नव प्रवेशित विद्यार्थियों का दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम का मंच संचालन इं. रवीन्द्र नाथ पाठक द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल सक्सेना द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के साथ हुआ।इस अवसर पर डॉ. पारुल सक्सेना ने कहा, “विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व के विकास का भी महत्वपूर्ण चरण है। कंप्यूटर विज्ञान का क्षेत्र निरंतर नई संभावनाओं से परिपूर्ण है। यदि विद्यार्थी समर्पण, नवाचार और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे, तो वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त कर सकते हैं।

“डॉ. मनोज कुमार बिष्ट ने विद्यार्थियों को विभाग एवं बीसीए पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा, “कंप्यूटर विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों का आधार है। विभाग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यार्थी नियमित अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं नई तकनीकों को अपनाने का प्रयास करें।”डॉ. सुशील चंद्र भट्ट ने अपने संबोधन में कहा, “आज का युग तकनीक का युग है।

तकनीकी ज्ञान तभी सार्थक है जब उसका उपयोग समाज और मानवता के हित में किया जाए। युवा वर्ग को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य, चरित्र और भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहिए। स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण करते हैं।”डॉ. पारस नेगी ने विद्यार्थियों को विभागीय गतिविधियों एवं विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा, “विद्यार्थी समर्थ पोर्टल का सही एवं नियमित उपयोग करें। प्रवेश, शुल्क भुगतान, दस्तावेज़ अपलोड तथा अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं से संबंधित सभी सूचनाओं को समय-समय पर पोर्टल के माध्यम से देखें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएँ पूर्ण करें।

“इस अवसर पर डॉ. सुमित खुल्बे ने विद्यार्थियों को प्रवेश, परीक्षा एवं परिणाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा, “विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा जारी सभी प्रवेश, परीक्षा एवं परिणाम संबंधी सूचनाओं पर नियमित रूप से ध्यान देना चाहिए। सभी शैक्षणिक प्रक्रियाएँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल विभाग से संपर्क करें। डॉ. अर्पिता जोशी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभागीय पुस्तकालय एवं उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा, “विभागीय पुस्तकालय विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन एवं शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है।

यहाँ विषय से संबंधित पाठ्य-पुस्तकों एवं अन्य उपयोगी संसाधनों का समुचित संग्रह उपलब्ध है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनामिका पंत द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति एवं नशा उन्मूलन, एंटी रैगिंग तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित तीन महत्वपूर्ण शपथ दिलाई। सभी ने इन संकल्पों का पालन करने तथा समाज में इनके प्रति जागरूकता फैलाने का प्रण लिया।उक्त कार्यक्रम में श्री सी. जे. यादव, श्री अनूप सिंह बिष्ट, श्री कमल जोशी, श्री नंदन कनवाल एवं श्री मनोज मेर सहित विभाग के समस्त छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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