( क्षेत्र में लाइव कैमरे और सी सी टी वी लगे)

मोहान वन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा डबरा सौराल , ग्राम सभा तड़म एवं काठ की नाव क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु उप प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत के निर्देशन में गठित टीमों द्वारा लगातार क्षेत्र में कैंप कर निगरानी एवं गश्त की जा रही है। साथ ही प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
बाघ के दिखाई देने की सूचना पर रेस्क्यू हेतु डॉक्टर टीम एवं क्विक रिस्पॉन्स टीम द्वारा क्षेत्र में निगरानी करते हुए आवश्यक रेस्क्यू उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं। बाघ के पदचिन्हों एवं अन्य गतिविधियों की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में 02 लाइव कैमरे एवं 15 कैमरा ट्रैप सहित अन्य उपकरण लगाए गए हैं। टीम द्वारा वन्यजीव की गतिविधियों को लगातार ट्रैक किया जा रहा है तथा गांवों में पोस्टर, लाउडस्पीकर एवं जनजागरूकता गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। रेस्क्यू कार्य हेतु कॉर्बेट की विशेषज्ञ टीम का भी सहयोग लिया जा रहा है।
टीमों द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा उपकरण जैसे 05 एनाइडर, 05 फॉक्स लाइट, राइफल एवं अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। बाघ रेस्क्यू हेतु 05 पिंजरे लगाए जा चुके हैं। साथ ही 15 ट्रैप कैमरों एवं 02 ड्रोन के माध्यम से क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
गश्त, निगरानी एवं जागरूकता कार्यों के लिए रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व तथा अल्मोड़ा वन प्रभाग की विभिन्न रेंजों—रानीखेत, जौरासी, द्वाराहाट एवं अल्मोड़ा—की टीमों द्वारा समन्वय के साथ क्षेत्र में कैंप लगाकर कार्य किया जा रहा है।

















