आपातकाल से भी बदतर हालात की ओर बढ़ रही है दिल्ली की स्थिति: उपपा
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित शांतिपूर्ण मार्च के दौरान उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष पीसी तिवारी, अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, केसर राणा सहित कई लोगों को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की पार्टी ने कड़ी निंदा की है।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने कहा कि दिल्ली में विरोध की आवाजों को रोकने के लिए जिस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, वे आपातकाल के दौर से भी बदतर हालात की आशंका पैदा करते हैं। पहले विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए रेलगाड़ियों और मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया और अब शांतिपूर्ण मार्च में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। पार्टी ने इन कार्रवाइयों को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए गिरफ्तारियों को अवैध करार दिया और सभी गिरफ्तार लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की।
पार्टी ने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में विरोध दर्ज कराने के लिए शांतिपूर्ण मार्च में शामिल लोगों को गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति असहिष्णुता को दर्शाता है।
पार्टी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गिरफ्तार किए गए सभी लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की है। साथ ही कहा कि असहमति की आवाज को दबाने के बजाय सरकार और निर्वाचन आयोग को उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।






















