गरमपानी। कैंची धाम में लगातार गहराती जाम की समस्या के समाधान के लिए नैनीताल में आयोजित प्रशासनिक बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर ग्राम प्रधान संगठन ने गहरा रोष जताया है। जनप्रतिनिधियों ने बिना स्थानीय भागीदारी के निर्णय लिए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार को ग्राम प्रधान संगठन और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की आयोजित बैठक में प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़े किए गए। संगठन अध्यक्ष जेडी कत्युरा ने कहा कि कैंची धाम के जाम का सीधा प्रभाव स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों, टैक्सी चालकों, मरीजों और स्कूली बच्चों के सामान्य जीवन पर पड़ता है।
इसके बावजूद जमीनी परिस्थितियों से भलीभांति परिचित प्रभावित क्षेत्रों और खुद कैंची धाम के ग्राम प्रधान को बैठक की न तो सूचना दी गई और न ही उन्हें आमंत्रित किया गया।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कैंची धाम की यातायात व्यवस्था के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय अनुभवों व जमीनी हकीकत को शामिल करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना निर्णय थोपे तो क्षेत्र के प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य आंदोलन की राह चुनेंगे।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख अंकित साह, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष जेडी कत्युरा, प्रधान किशोर ढेला, खीम सिंह, भाष्कर चन्द्र, उषा पिनारी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।





















