नैनीताल/कैंचीधाम: भवाली से अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरकारी व वन विभाग की भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण और आवासीय पट्टों के व्यावसायिक दुरुपयोग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी नैनीताल और आयुक्त कुमाऊँ मंडल को पत्र भेजकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और बेदखली कार्रवाई की मांग की है।

  • आवासीय पट्टों का व्यावसायिक दुरुपयोग: तहसील कैंचीधाम के अंतर्गत ग्राम मल्ला निंगलाट से छड़ा तक जिन्हें आवासीय पट्टे आवंटित हुए थे, उन्होंने नियमों के विपरीत इसे अन्य व्यक्तियों को बेच दिया है। इन जमीनों पर अब धड़ल्ले से दुकान और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
  • नहर और कलमठों पर कब्जे: गरमपानी से खैरना क्षेत्र में लघु सिंचाई नहर को दबाकर उसके ऊपर अवैध मकान बना दिए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के कलमठों (कैलवर्ट्स) के ऊपर भी निर्माण कर सरकारी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
  • तहसील प्रशासन पर पक्षपात का आरोप: शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व में पीपी एक्ट (PP Act) के तहत दर्ज लगभग 70 से 80 फाइलों को तहसील प्रशासन ने साठगांठ कर बंद कर दिया। वर्तमान में महज 6-7 चुनिंदा लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर द्वेषपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
  • अतिक्रमण की जद में प्रमुख क्षेत्र: खैरना, छड़ा, रातीघाट और कैंची धाम सहित आसपास के इलाकों में राज्य सरकार और जिला पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं।

दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता नन्दन सिंह, राजेन्द्र सिंह बिष्ट, सुभाष शर्मा, कमल जोशी, पुष्कर सिंह एवं हेमा नेगी ने मांग की है कि अवैध पट्टों को तत्काल निरस्त कर भूमि सरकारी नियंत्रण में ली जाए। साथ ही, सिंचाई नहर व सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाते हुए इसमें संलिप्त दोषी अधिकारियों व अतिक्रमणकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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