हल्द्वानी। देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए हल्द्वानी नगर निगम ने एक अनूठी और बेहद प्रभावी पहल की शुरुआत की है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ‘सबका साथ स्वच्छ उत्तराखंड’ की थीम पर नगर निगम गेट के ठीक बाहर राज्य का पहला और देश का पहला डिजिटल ‘डीआरएस’ (डिपॉजिट रिफंड सिस्टम) स्टॉल स्थापित किया गया है।

​इस विशेष केंद्र पर यदि कोई नागरिक खाली चिप्स के पैकेट, प्लास्टिक की पानी की बोतलें, कोल्डड्रिंक की कैन या टेट्रा पैक जमा करता है, तो उसे प्रति नग (आइटम) दो रुपये का रिफंड दिया जाएगा। कचरे के बदले पैसे देने की इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। स्टॉल का संचालन कर रहे अभिनव नेगी ने बताया कि रिसाइकिल होने योग्य कचरा जमा करने पर उपभोक्ताओं को ‘रिटर्न अर्न रिसाइकिल’ का एक विशेष क्यूआर (QR) कोड दिया जाता है। इस क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही ₹2 की धनराशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।

​नगर आयुक्त परितोष वर्मा के अनुसार, इसके लिए शासन स्तर पर हैदराबाद की एक नामी रिसाइकिल कंपनी के साथ बाकायदा अनुबंध (एमओयू) किया गया है। इस योजना से सड़कों पर फैलने वाले सूखे और प्लास्टिक कचरे की समस्या का स्थाई समाधान होगा। उत्तराखंड के तीन शहरों में यह प्रयोग शुरू किया जा रहा है, जिसमें हल्द्वानी अग्रसर है। पहले दिन जागरूकता की कमी के कारण कम लोग पहुंचे, लेकिन निगम प्रशासन जल्द ही शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित कर ऐसे कई डिजिटल स्टॉल लगाने जा रहा है ताकि आम जनता में कचरा प्रबंधन के प्रति रुचि बढ़े और शहर पूरी तरह साफ-सुथरा रहे।

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