(* अधिवक्ता कल्याण कोष, बार काउंसिल का डिजीटलीकरण, अनुशासन समिति का गठन मुख्य बिंदु रहे।
**बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डी के शर्मा, सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विचार विमर्श किया।)

अल्मोड़ा / नैनीताल, बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिवक्ता हितों से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तृत चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनमें निम्न बिंदु प्रमुख रहे।अधिवक्ता कल्याण हेतु बजट हेतु प्रदेश मुख्यमंत्री से मिलकर अधिवक्ताओं के कल्याण, सुरक्षा एवं हितों के लिए राज्य बजट में विशेष प्रावधान कराए जाने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया।

प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों को अपना वार्षिक चुनाव निर्धारित समय पर कराना सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित करने का निर्णय लिया गया।बार काउंसिल के कार्यों को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें बार काउंसिल के अध्यक्ष , उपाध्यक्ष सहित एक सदस्य शामिल रहेंगे।.

वन बार, वन वोट’ के नियम का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड नियमावली, 2014 के नियम 40 में संशोधन किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। लंबित अनुशासनात्मक मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु 12 अनुशासनात्मक वाद समितियों के गठन का निर्णय लिया गया यदि कोई कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसे तत्काल नोटिस देकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में कार्यकारिणी के सभी सम्मानित सदस्यों ने अधिवक्ता समाज की एकता, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों में अध्यक्ष राजवीर बिष्ट जी, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डी के शर्मा , उपाध्यक्ष सुशीला मेहता, राकेश नेगी,दिवाकर पांडे ,विकास बहुगुणा,संग्राम पुंडीर,रंजन सोलंकी सुरेंद्र पुंडीर ,राकेश गुप्ता ,सुखपाल सिंह ‌अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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