
देहरादून: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज बेहद तल्ख रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने 11 और 12 जून 2026 को राज्य के आठ प्रमुख जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है। इसके मद्देनजर शासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और नोडल अधिकारियों को धरातल पर अत्यधिक सतर्कता और मुस्तैदी बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इन जिलों में रहेगा मौसम का भारी प्रकोप
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 11 जून को राज्य के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत जनपदों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, भारी ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। राज्य के शेष जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
वहीं, 12 जून को भी इन आठ जिलों में अंधड़ का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर (Heavy Rainfall) देखने को मिल सकते हैं।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए मुख्य दिशा-निर्देश
संभावित आपदा और दुर्घटनाओं को शून्य करने के लिए आपदा प्रबंधन प्रणाली ने निम्नलिखित गाइडलाइंस जारी की हैं:
- ट्रेकिंग और पर्यटन पर रोक: पर्वतीय और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बरसात के दौरान ट्रैकर्स और पर्यटकों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- सड़कें तत्काल खोलने के आदेश: NH, PWD, PMGSY और BRO जैसी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि भूस्खलन या पेड़ गिरने के कारण कोई भी मोटर मार्ग बाधित होने पर उसे युद्धस्तर पर तत्काल खुलवाया जाए।
- अधिकारियों की 24 घंटे मुस्तैदी: आपदा प्रबंधन आईआरएस (IRS) प्रणाली के सभी अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में बने रहने के निर्देश हैं। इस अवधि में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का मोबाइल फोन स्विच ऑफ नहीं रहेगा।
- आपातकालीन किट और खाद्य आपूर्ति: सभी थानों और चौकियों को आपदा उपकरणों और वायरलेस सेट के साथ तैयार रहने को कहा गया है। संवेदनशील मार्ग बंद होने की स्थिति के लिए खाद्य सामग्री और मेडिकल सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।
स्थानीय जिला सूचना अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इस चेतावनी को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से आम जनमानस तक तुरंत पहुंचाएं, ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें
















