(निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट ने जानकारी दी।)

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और अल्मोड़ा परिसर में प्रधानमंत्री जी के पूर्व सलाहकार और उत्तराखंड सरकार के पर्यटन विभाग में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भाष्कर खुल्बे का आगमन हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर के जंतु विज्ञान विभाग, विधि, वाणिज्य आदि विभागों का निरीक्षण किया। कुलपति द्वारा उन्हें विश्वविद्यालय के संरचनात्मक स्वरूप, वित्तीय एवं जनसंसाधनों की स्थिति, शैक्षणिक- अकादेमिक गतिविधियों और प्रशासनिक गतिविधियों से परिचय कराते हुए विश्वविद्यालय की चुनोतियाँ से अवगत कराया।

प्रशासनिक भवन में विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी श्री अमित कुमार त्रिपाठी से जीर्ण भवनों की स्थिति सुधारने आदि के लिए बजट बनाने और क्रीड़ा अधिकारी श्री लियाकत अली को क्रीड़ा गतिविधियों में 2030 तक बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही मीडिया प्रभारी डॉ ललित जोशी को आवश्यक संरचना आदि को लेकर रिपोर्ट निर्माण करने के लिए निर्देशित किया। आशीष जोशी को विद्यार्थियों के लिए आवश्यक संसाधनों की मांग के अनुरूप रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देशित किया। भास्कर खुल्बे द्वारा शासन के अधिकारियों को विश्वविद्यालय के जंतु, विधि, वाणिज्य आदि भवनों और संरचनात्मक स्थितियों को बेहतर करने के लिए तत्काल निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय विद्यार्थियों को बीबीए, एमबीए, बीसीए जैसे पाठ्यक्रमों को लेकर अन्यत्र जाना पड़ता है। हमारे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की ऐसी स्थिति नहीं होती कि वे इन पाठ्यक्रमों के लिए लाखों रुपये की फीस दे सकें। अतः इस विश्वविद्यालय में इन पाठ्यक्रमों और उनसे संबंधित विभागों को बेहतर बनाया जाना जरूरी होगा। उन्होंने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की प्रगति को जाना और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट को प्रशासनिक भवन के बेहतर स्वरूप एवं उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दी।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट और अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की ओर से पुष्पगुच्छ, प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो पंकज कुमार शाह, श्री देवेंद्र पोखरिया, श्री विपिन जोशी, मीडिया प्रभारी श्री ललित चन्द्र जोशी, छात्रनेता श्री आशीष जोशी आदि उपस्थित रहे।

















