
गरमपानी । आज के इस दौर में जहां अधिकांश लोग अपने आस-पास की हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए सरकारी तंत्र या ग्राम प्रधान का मुंह ताकते रहते हैं, वहीं अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गरम पानी क्षेत्र से आत्मनिर्भरता की एक बेहद प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। यहां के स्थानीय निवासी सुरेश तिवारी जी ने व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय खुद अपने हाथों में सफाई और सौंदर्यकरण की कमान संभाल ली है।
सुरेश तिवारी का मानना है कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हाईवे के किनारे लगातार जमा हो रहे कूड़े और बेतरतीब उग आई झाड़ियों को लेकर उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन और ग्राम प्रधान से बात की थी। जब बार-बार बोलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने खुद ही धरातल पर उतरने का फैसला किया।
उन्होंने न सिर्फ सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक कचरे और मलबे को साफ किया, बल्कि उस जगह को दोबारा गंदा होने से बचाने के लिए वहां हरी-भरी हेज (झाड़ियां) और सुंदर पौधे लगा दिए। सुरेश जी पूरी लगन के साथ सड़क किनारे की पथरीली ढलान को साफ करने और मिट्टी को पौधों के अनुकूल बनाने के कार्य में जुटे हुए हैं।

उनके इस व्यक्तिगत प्रयास का सकारात्मक नतीजा अब हाईवे से गुजरने वाले हर मुसाफिर को साफ दिखाई दे रहा है । अगर हम हर काम के लिए सरकार या ग्राम प्रधान के भरोसे बैठे रहेंगे, तो हमारे आस-पास कभी सफाई नहीं हो पाएगी। कई बार प्रयास करने पर भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मुझे लगा कि अब खुद ही कदम उठाना पड़ेगा।” – सुरेश तिवारी,
सुरेश जी ने अब क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों और दुकानदारों से भी विशेष अपील की है कि वे कम से कम अपनी दुकान या घर के सामने वाले हिस्से की सफाई खुद करें और वहां फूल-पौधे लगाएं। उनका यह आत्मनिर्भर कदम साबित करता है कि अगर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ लें, तो बिना किसी सरकारी बजट के भी पर्यावरण और व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।
















