( विशाल द्वार सभा में अनेक संगठनों के पदाधिकारियों ने बीमा क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डाला)

KDIEA के बैनर तले जीवन बीमा व्यवसाय राष्ट्रीयकरण की 70 वीं वर्षगांठ पर क्षेत्रीय कार्यालय द्वार, कानपुर पर द्वार-सभा का आयोजन किया गया।
विशाल द्वार सभा में अनेक संगठनों के पदाधिकारियों ने बीमा क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डाला।विशाल द्वार-सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता AIIEA के पूर्व अध्यक्ष कामरेड अमानुल्ला खान जी ने जीवन बीमा व्यवसाय के राष्ट्रीयकरण की 70वीं वर्षगांठ के अवसर साथियों को बधाई देते हुए कहा कि AIIEA द्वारा 245 निजी बीमा कंपनियों के शोषण के खिलाफ जो आंदोलन खड़ा किया गया था वह 05 वर्षों के संघर्षों के उपरांत भारतीय जीवन बीमा निगम अपनी स्थापना से लेकर आज 70 वर्षों में 56 लाख पालिसी धारकों से 42 करोड़ पालिसी धारकों के भरोसे का प्रतीक है और राष्ट्रनिर्माण में सार्वजनिक उपक्रमों में अग्रणी भूमिका का निर्वाह कर रहा है।कामरेड अमानुल्ला खान जी ने बताया कि जब 1980 में श्रीमती गांधी की कांग्रेस सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम को पांच भागों में बांटकर हमारी एकता को कमजोर करना चाहती थी लेकिन AIIEA ने अपने पब्लिक मेमोरेंडम और नेतृत्व वर्ग के तर्को और साथियों के संघर्षों से तत्कालीन दो तिहाई बहुमत वाली सरकार को परास्त किया।
कामरेड अमानुल्ला खान जी ने कहा कि बीमा क्षेत्र में 100% FDI किया जाना सरकार के द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम को कमजोर करने के साथ देश के विकास के लिए भी बाधक है क्योंकि LIC ने स्थापना से लेकर 70 सालों में देश के विकास में अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया है और अनेकों आपदाओं में आगे बढ़कर बीमा धारकों को सेवा प्रदान की है। LIC में भारत सरकार की हिस्सेदारी को कम करने के प्रयासों को हम सब एकजुट होकर परास्त करना है। श्रम संहिताओं के स्थान पर लेबर कोड का लागू किया जाना मेहनतकश वर्ग के संघर्षों के द्वारा हासिल श्रमिक अधिकारों व स्थायी रोजगार को समाप्त करने के लिए किया गया है। आज देश में धार्मिक स्तर पर विभाजनकारी राजनीति आम जनता, किसानों, मेहनतकशों और नौजवानों के भविष्य पर भारी हो गयी है और यहीं से हमें समाज और देश को नयी राह दिखानी है और हम सब AIIEA के साथी श्रमिक वर्ग के संघर्षों में अपनी सशक्त भागीदारी निभाएंगे।द्वार-सभा को संबोधित करते हुए NCZIEF के महामंत्री कामरेड राजीव निगम जी ने कहा कि कामरेड अमानुल्ला खान जी ने AIIEA के संघर्षों में अपनी ज्वाइनिंग से लेकर सेवानिवृत्ति के बाद भी इंश्योरेंस वर्कर के संपादन के अलावा आज भी AIIEA के सभी आवाह्नों में अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं और आज कानपुर में जीवन बीमा निगम के 70वें राष्ट्रीयकरण दिवस पर KDIEA के साथियों को संबोधित करना साथियों को प्रत्येक संघर्षों में लंबे समय तक ताकत प्रदान करता रहेगा।द्वार-सभा का संचालन KDIEA महामंत्री कामरेड मनोज कुमार ने किया एवं अध्यक्षता अध्यक्ष कामरेड अमित मिश्रा जी ने की। द्वार सभा में AIIPA के पूर्व अध्यक्ष कामरेड अशोक तिवारी जी, NCZIEF के कोषाध्यक्ष कामरेड राकेश कनौजिया जी, उपाध्यक्ष कामरेड दीपक यादव जी, संयुक्त सचिव कामरेड संजय श्रीवास्तव जी, NCZIEF Women President कामरेड प्रतिभा मिश्रा जी, KDIEA सचिव मण्डल के साथीगण सहित बड़ी संख्या में महिला साथियों एवं लगभग 300 से ज्यादा साथियों, अधिकारियों की उपस्थिति रही।

ADVERTISEMENTS Ad