केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने आज जल जीवन मिशन एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जनपद में संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गतिमान योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि दोनों चरणों में जनपद की कुल 1645 योजनाओं में से 1517 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 128 योजनाओं पर कार्य गतिमान है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने गतिमान योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शेष कार्यों में तेजी लाकर उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित सिंगल विलेज स्कीम एवं मल्टी विलेज स्कीम की अलग-अलग समीक्षा की गई। इसके साथ ही हर घर जल के अंतर्गत हुई प्रगति की जानकारी लेते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक पर्याप्त एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं के माध्यम से लोगों को वास्तविक रूप से पेयजल सुविधा का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि गतिमान योजनाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब अथवा किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

इसके उपरांत केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत जनपद में स्वीकृत सड़क कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि पीएमजीएसवाई-4 के तहत जनपद में कुल 220 सड़कें स्वीकृत हैं, जिनकी कुल लंबाई 1295.04 किलोमीटर है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्वीकृत सड़क कार्यों की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना महत्वपूर्ण है और इसके लिए स्वीकृत सड़क कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, दर्जा राज्य मंत्री गोविंद पिल्खवाल, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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