( काव्य संग्रह आधुनिक समाज और विशेषकर महिलाओं की व्यथा और कथा को चित्रित करती कविताओं का अनूठा संकलन है, इजा और चौमास शीर्षक बहुआयामी दृष्टिकोण का प्रतीक। प्रोफेसर देव सिंह पोखरिया)


स्थानीय” श्री लक्ष्मी भंडार ” हुक्का क्लब के सभागार में कवियत्री प्रेमा गड़कोटी के काव्य संग्रह ” इजा और चौमास “का लोकार्पण किया गया। आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता त्रिभुवन गिरी महाराज ने की, संचालन वरिष्ठ साहित्यकार सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नीरज पंत ने किया। काव्य संग्रह की समीक्षा प्रोफेसर देव सिंह पोखरिया ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से किया गया।


“इजा और चौमास”शीर्षक के काव्य संग्रह की विस्तृत समीक्षा प्रोफेसर देव सिंह पोखरिया ने कर प्रत्येक कविता पर गहरा प्रकाश डाला। प्रोफेसर पोखरिया ने कहा इस काव्य संग्रह में कवि वेदना और संवेदनशीलता का अनूठा चित्रण किया गया है। जो कविता की पूर्णता की तरफ अग्रसर करती है।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा प्रेमा गड़कोटी का यह काव्य संग्रह समाज की दशा और दिशा का अनूठा संकलन है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब के वरिष्ठ साहित्यकार व रंगकर्मी त्रिभुवन गिरी महाराज ने इस काव्य संग्रह की तहे दिल से तारिफ कर कवि को हार्दिक शुभकामनाएं दी।

इस मौके पर पहरू मासिक पत्रिका के डाक्टर हयात सिंह रावत, वरिष्ठ साहित्यकार सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नीलम नेगी, प्रोफेसर विजया ढो़डियाल, छंजर सभा के संयोजक डाक्टर रमेश लोहुमी प्रोफेसर एस ए हामिद,मंचासीन रहे। विमोचन कार्यक्रम का सफल संचालन साहित्यकार सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नीरज पंत ने किया। इस मौके पर दर्जनों साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें हेमा आर्या “शिल्पी, डाक्टर डी एस बोरा, विपिन जोशी कोमल , वीना चतुर्वेदी वीणा, मीनू जोशी सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया।

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