अल्मोड़ा के सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक रंगकर्मी पंडित गिरीश चंद्र जोशी के निधन पर अल्मोड़ा में शोक की लहर है। आयोजित शोक सभा में वक्ताओं ने कहाअल्मोड़ा के सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक, सितारिस्ट,बैठकी होली व रामलीला के पुरोधा प.गिरीश जोशी का असमय चले जाना शास्त्रीय संगीत के लिए एक युग के अंत होने जैसा प्रतीत होता है।गुरु शिष्य परम्परा द्वारा प्रशिक्षित प.जोशी सुप्रसिद्ध संगीत गायन घराना ‘किराना घराना’ से संबंध रखते थे, जो कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के हिंदुस्तानी ख्याल गायकी के सबसे प्रसिद्ध और महत्त्वपूर्ण घरानों में एक है जिनके संस्थापक पुरोधाओं में उस्ताद अब्दुल करीम खां और उस्ताद अब्दुल वाहिद खां के अलावा विदुषी गंगूबाई हंगल, कुमार गंधर्व, पंडित भीमसेन जोशी और विदुषी प्रभा आत्रे जैसे नामचीन हस्तियां शामिल हैं।
वहीं सितारिस्ट के रूप में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाने के लिए विश्व प्रसिद्ध सितारिस्ट पंडित निखिल बनर्जी को अपनी प्रेरणा का स्रोत व गुरु माना।
विभिन्न मंचों, संगीत समारोहों और आकाशवाणी से प्रस्तुतियों के अलावा केंद्रीय विद्यालय में संगीत शिक्षक के रूप में सेवारत रहते हुए प.जोशी द्वारा अपने विद्यालय के अलावा देश विदेश से आने जाने वाले अपने शिष्यों को अपने गहन एवम गूढ़ प्रशिक्षण द्वारा प्रेरित किया जो आज भी अपने अपने क्षेत्रों में संगीत का प्रचार प्रसार कर रहे हैं।उनके इस असामयिक और आकस्मिक देहावसान पर नगर के संगीतप्रेमियों ने शोक प्रकट करते हुए नगर के एक समय के संगीतमय माहौल में उनके योगदान जिसमें विशेष रूप से उनकी होली महफ़िल और रामलीला तालीम को याद करते हुए उन्हें बड़ी ही शिद्दत से याद किया। साथ ही उनके इस आकस्मिक निधन से उनके परिजनों के प्रति अपनी अपनी ओर से गहन संवेदना और सहानुभूति प्रेषित की गई।स्व.पंडित गिरीश जोशी को याद करने वालों में जन नाट्य मंच, दि म्यूजिक वर्ल्ड के साथियों के साथ उनके शिष्य रहे प्रभात कुमार साह गंगोला(सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक),ललित वर्मा,सुशील तिवारी,जन नाट्य मंच के साथीअशोक,प्रमोद,धीरज,मुकुल,विजय, दि म्यूजिक वर्ल्ड के साथी ओमी,भोली,अनिल,अनूप,सोनू,दीप के साथ जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष यूसुफ तिवारी (डब्बू) आदि शामिल रहे। हिम शिखर परिवार भी अपनी शोक संवेदना व्यक्त करता है।
















